सोंडवा से योगेन्द्र राठौड धन को धर्म मे लगाने से धन की शुद्धि होती है, उक्त प्रेरणादायी उद्गार भागवत कथा के तीसरे दिन लक्ष्मीनारायण मंदिर प्रांगण में पंडित अरविन्द भरद्वाज ने ध्रुव एवं प्रहलाद प्रसंग,हिरण्यकश्यप वध, वामन अवतार का वर्णन करते हुए कहे। गुरु का बखान करते हुए बताया की बिन गुरु जीवन नही होता शुरू।गुरु की कृपा से नर भी नारायण बन सकता है। दान का महत्व बताते हुए कहा कि कमाई का दसवा हिस्सा दान करना चाहिए।धन को धर्म में लगाने से धन की शुद्धि होती है।पुरुषोत्तम माह का महत्व बताया। पुरुषोत्तम माह में किया गया पुण्य कई गुना बढ़ जाता है।भागवत कथा का रसपान करते हुए ।मधुर भजनों पर महिलाए अपने आपको नृत्य करने से नही रोक पाई। Post navigation खुली डीपी व विद्युत के तारो में फंसकर राष्ट्रीय पक्षी हो रहे मौत का शिकार, आखिर कब नींद से जागेंगे जिम्मेदार? 45 तीर्थ यात्रा पर जत्था तिरुपति बालाजी हुआ रवाना