बृजेश खंडेलवाल की रिपोर्ट- शासन-प्रशासन जन हित को हरसंभव सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए योजनाओं को आमजन पहुंचाने का पूरा प्रयास विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पहुंचाने की व्यवस्था कर रही है। मगर ये सुविधाएं आम जनता तक सही रूप से नहीं पहुंच पा रहा है।यह चिंता का विषय है। मामला है आम्बुआ क्षेत्र में सुविधा की दृष्टि से एमरजेंसी दुर्घटना होने पर 108 वाहन हर थाना क्षेत्र मे उपलब्ध किया है। मगर उक्त वाहन पुराने होने के साथ जर्जर स्थिति में है। मंगलवार शाम को आम्बुआ के समीपस्थ ग्राम मोटाउमर में एक 30 वर्षीय जालम पिता धनसिंह भीलाला ताड़ के पेड़ से गिरा था जिसे तुरंत आम्बुआ के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर लाया गया। चोट ज्यादा होने पर प्रारम्भिक उपचार कर डाक्टर अजय पाटीदार ने तुरंत सिविल अस्पताल के लिये रैफर कर दिया। 108 वाहन से सम्पर्क कर बुलवायी गई। मगर उक्त वाहन में न तो हेड लाइट चालू थी, नही ऑक्सीजन उपलब्ध थी। उक्त वाहन को धक्का मारने पर भी वाहन स्टार्ट नही हुआ। विलंब होने पर मरीज की अलीराजपुर ले जाते वक्त रास्ते ही मौत हो गई। गौरतलब है कि एक दिन पूर्व भी बाइक दुर्घटना होने पर वाहन नही आने पर लोगों मे आक्रोश था द्य ठीक दुसरे दिन फिर यह बड़ी घटना घट जाने पर आम्बुआ पुर्व सरपंच जुवानसिह रावतए रमेश रावतए सहित लोगो ने व्यवस्था सुधारने की शिकायत स्थानीय विधायक माधौसिह डावर एवं अलीराजपुर विधायक नागरसिह चौहान सहित अधिकारियो से करने की बात कही। जिम्मेदार बोल- वाहन की देखरेख पर ड्रायवर ध्यान नही रही दे रहे है जिससे यह स्थिति उत्पन्न हो रही है। अगर ऐसा रहा तो पायलेट बदल दिए जाएंगे। भविष्य में ऐसी परेशानी नही आने देंगे। वाहन संचालक, अरविंद झाबुआ हम निरंतर वाहन खराबी की सुचना अपने स्तर से आलाधिकारियो को देते है। मगर समय पर काम नही होने एवं वाहन पुराना है से बार.बार खराब हो जाता है। वाहन पायलेट रूपसिंह, आम्बुआ Post navigation तिरूपति जाने वाले यात्रियो का स्वागत कर दी विदाई आइएसओ सर्टिफाइड उत्कृष्ट विद्यालय में बॉटनीकल गार्डन हो रहा विकसित