मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ क्षेत्र में विगत दो तीन दिनो से वर्षा बंद रहने से कृषको ने अभी राहत की सांस भी नहीं ली थी कि आज 22 नवंबर को शाम 5 बजे के लगभग अचानक बिजली की कड़क तथा बादलों की तेज गर्जना एवं हवा के साथ अचानक शुरू हुई वर्षा ने क्षेत्र को तरबत कर दिया। विगत दिनों से लगातार तेज बारिश ने खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुक्सान पहुंचा खेतों में खड़ी फसलें सड़ने लगी थी और कृषक अपनी किस्मत पर आंसू बहाने को मजबूर हो रहे थे इसी बीच दो तीन दिनो से वर्षा रूकी हुई थी कृषक खेतों में बची फसलों को समेटने में जुट गए थे कि आज 22 नवंबर की शाम लगभग 5 बजे अचानक बिजली की कड़क तथा बादलों की गरज एवं हवा के साथ झमाझम बारिश से संपूर्ण क्षेत्र तर-बतर कर दिया लगभग आधा घंटे तक वर्षांत के बाद जब बंद हुई तब राहत मेहसूस हुआ हालांकि आसमान पर बादल छाए हुए हैं। Post navigation शरद पूर्णिमा उत्सव क्षेत्र में दो दिन मनाया गया, खीर की प्रसादी के अलावा भंडारा भी हुआ अनुशासित संघ कार्यकर्ताओं ने आम्बुआ में निकाला पथसंचलन, मार्ग में किया गया स्वागत