मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ शारदीय नवरात्र के बाद क्षेत्र में शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व रहता है , आम्बुआ में इस बार शरद पूर्णिमा दो दिनों तक मनाई गई तथा भंडारा भी किया गया। मिली जानकारी अनुसार आम्बुआ में प्रतिवर्ष नवरात्र के बाद दशहरा तथा उसके बाद शरद पूर्णिमा उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है इस वर्ष क्षेत्र में शरद पूर्णिमा 16 एवं 17 अक्टूबर दोनों दिन मनाई गई श्री राम मंदिर तथा बीजासन माता मंदिर में 16 अक्टूबर की रात गरबा डांडिया रास किया गया तथा महाआरती कर महाप्रसादी के रूप में खीर का वितरण किया गया। इधर टेकरी वाली अम्बेमाता मंदिर प्रांगण में 17 अक्टूबर को दिन में प्रतिवर्षानुसार विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों भक्तों ने भोजन प्रसादी ग्रहण की। रात्रि में यहां गरबा के आयोजन के बाद मध्य रात्रि को शरद पूर्णिमा के अवसर पर अंबे माता की आरती पश्चात खीर की प्रसादी का वितरण किया गया। Post navigation नवरात्रि की अंतिम रात बारिश ने व्यावधान डाला, फिर भी जमे रहे माता भक्त जमकर खेले गरबे दो -तीन दिन रुकने के बाद तेज हवा तथा गर्जना के साथ हुई झमाझम बारिश