congrass logoझाबुआ- रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र के उपचुनाव में बामनिया की सभा में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्रसिंह तोमर द्वारा स्व. दिलीप सिंह भूरिया एवं उनकी बेटी निर्मला भूरिया भाजपा प्रत्याशी को ईमानदारी का प्रमाण पत्र देते हुए कांग्रेस प्रत्याशी एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया के विरूद्व आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर कडे शब्दों मे निंदा करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी झाबुआ के अध्यक्ष निर्मल मेहता, चुनाव संचालक शांतिलाल पडियार, जिला कांग्रेस कार्यवाहक अध्यक्ष  कलावती भूरिया, वरिष्ठ अभिभाषक ठा. जोरावर सिंह, राजेन्द्र प्रसाद अग्निहोत्री, यतिन्द्र शर्मा, जितेन्द्र प्रसाद अग्निहोत्री, प्रवक्ता हर्ष भटट, आचार्य नामदेव कांग्रेस नेता हेमचंद्र डामोर, आशीष भूरिया आदि ने पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ आदिवासी नेता कांतिलाल भूरिया का 40 वर्ष का राजनीतिक जीवन बेदाग रहा है। तोमर तो अभी केन्द्रीय मंत्री बने है परंतु भूरिया कई वर्षों पूर्व केन्द्र में राज्यमंत्री तथा केन्द्रीय मंत्री के रूप में काम कर चुके है और इन्होने अपनी सनिष्ठता पर जरा भी आंच नही आने दी है। भूरिया को तोमर के प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है। यदि वे प्रमाण पत्र देने को उतावल हो रहें है तो भाजपा नेताओं को दे जो कि व्यापम जैसे घोटाले में पूरी तरह से लिप्त है तथा आज भी खुले आम घुम रहंे है। कांग्रेस नेताओ ने सख्त लहजे में कहा है कि कांतिलाल भूरिया विधायक के साथ-साथ 4 बार सांसद के रूप में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनके आचरण पर आज तक किसी ने उंगली उठाने की हिम्मत नहीं की है। तोमर द्वारा भूरिया जी पर टिप्पणी करना लाखो मतदाताओं का अपमान करना है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि दरअसल चंबल में रेत माफिया की ढाल के बतौर काम करने के लिए चर्चित नरेन्द्रसिंह तोमर को खुद अपने क्षेत्र की जनता से अपनी करनी का प्रमाण पत्र जारी कराना चाहिए। वे यह भी बताएं कि 2014 का लोकसभा चुनाव उन्होने मुरेना कि बजाए ग्वालियर से क्यों लड़ा था ? और उनके मंत्रालय में सारा काम राजा हरीशचंद्र की नीति में हो रहा है ?

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