फिरोज खान, ब्यूरो चीफ अलीराजपुर

स्थानीय डॉन बॉस्को स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे आदिवासी छात्र छात्राओं के भविष्य को गंभीरता से लेते हुए सैकड़ों अभिभावकों ने हॉस्टल बंद किए जाने का विरोध करते हुए शिक्षा-सत्र समाप्ति तक हॉस्टल संचालित किए जाने की मांग को लेकर कलेक्टर के नाम एसडीएम संजीव पांडे को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें बताया गया है कि अलीराजपुर डॉन बॉस्को द्वारा संचालित हॉस्टल में झाबुआ, मेघनगर, थांदला, पेटलावद, राणापुर, सहित अलीराजपुर के आसपास के क्षेत्र के सैकड़ों छात्र-छात्राएं गरीब आदिवासी परिवारों से है। जो हॉस्टल में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहे हैं। विगत दिनों अलीराजपुर डॉन बास्को स्कूल में एक छात्र की मौत के बाद शासन द्वारा हॉस्टल बंद किए जाने के बाद से हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे छात्र छात्राओं को अपने-अपने घर भेज दिया गया है। जिससे शिक्षा का समय निकलता जा रहा है और वार्षिक परीक्षाएं भी नजदीक है, ऐसे में शिक्षा से दूर रहकर परीक्षा उत्तीर्ण करना बच्चों के लिए काफी मुश्किल होगा। जिसको देखते हुए संबंधित छात्र छात्राओं के पालको द्वारा कलेक्टर से यह मांग ज्ञापन के माध्यम से की गई कि आगामी शिक्षा सत्र समाप्ति तक आवासीय बच्चों को हॉस्टल मैं रखा जाए, ताकि बच्चे वार्षिक परीक्षाएं लिख सके और उनका भविष्य खराब ना हो। ज्ञापन में सभी अभिभावकों ने कलेक्टर से यह निवेदन किया है कि आदिवासी छात्र छात्राओं के हित में सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए हॉस्टल व्यवस्था को सत्र समाप्ति तक संचालित करने की अनुमति देने की मांग की गई।

डॉन बास्को स्कूल में शिक्षा सत्र पूर्ण होने तक हॉस्टल संचालन किए जाने की मांग को लेकर अभिभावकों ने सौंपा ज्ञापन

इस अवसर पर अभिभावक सुमित्रा राजू मेडा, क्रिस्टीना वाखला, समुद्री डामोर, जेमां डामोर, प्रेमलता भाबोर, प्रेमलता गऱवाल, शंभू रावत, मारथा वसुनिया, प्रेमलता वसुनिया, प्रेमलता वसुनिया, अनीता कामलिया, सविता भूरिया, ललिता वसुनिया, मोनिका मेडा, सबीना चारेल, शांति डामोर, मनीषा मेडा, सुनीता आदि दर्जनों अभिभावक उपस्थित थे। उक्त मामले को लेकर स्कूल के अभिभावकगण आज मंगलवार को झाबुआ में आ रहे प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात कर मामले को अवगत कराएंगे।

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