झाबुआ लाइव के लिए मेघनगर से भूपेन्द्र बरमंडलिया व दशरथ कटठा की रिपोर्ट – मेघनगर विकासखंड के ग्राम पिपलखूंटा में कन्या छात्रावास के पास इन दिनो आदिवासी विकास परियोजना के अंतर्गत अतिरिक्त कक्ष व शौचालय का निर्माण किया जा रहा है जिसकी लागत करीबन 10 लाख के आसपास बताई जा रही है। इतनी बड़ी लागत लगने के बावजूद भी ठेकेदार द्वारा अपनी मनमानी चलाई जा रही है और घटिया निर्माण किया जा रहा है। ठेकेदार को अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो इस कारण उसके द्वारा उक्त निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। वही शासन के द्वारा बाल मजदूर को प्रतिबंधित किया गया और सख्त हिदायत दी गई है कि कही भी अगर बाल मजदूर कार्य करते देखे जाए तो कार्य कराने वालो के विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए लेकिन यहां तो उल्टा शासन के भवन निर्माण में ही बाल मजदूरों से कार्य लिया जा रहा है जिसको देखने वाला कोई नहीं है। आला अधिकारी हाथ पे हाथ थरे बैठे है जिसके चलते ठेकेदार द्वारा अपनी मनमानी चलाई जा रही है। यदि समय रहते उक्त घटिया निर्माण कार्य के विरूद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है तो भविष्य उक्त निर्माण कार्य को लेकर अप्रिय घटना के लिए तैयार हो जाना चाहिए। क्या कहते है जिम्मेदार – आप तो इसकी शिकायत कर दो, क्योेंकि ठेकेदार हमारी कोई बात नहीं सुनता और ईंट की बात करे तो ईंट खराब थी इसलिए वापस उठाने को बोला है। – एके करोटिया, साइड इंजीनियर Post navigation घटिया निर्माण की भेट चढ़े शासकीय शोचालय इन्द्र देव को मनाने के लिए जतन शुरू