दीपेश प्रजापति शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के मध्य क्षेत्र सह संयोजक एवं देवी अहिल्या विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के सदस्य ओम शर्मा ने क्षेत्र की समृद्ध लोक पंरपराओ तथा इतिहास के संरक्षण हेतु ‘टंट्या मामा शोध पीठ’ की पना हेतु देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलपति से आग्रह किया है। श्री शर्मा ने बताया की इस जनजातीय क्षेत्र का अपना समृद्ध इतिहास रहा है जो लोककलाओ एवं परंपराओ के माध्यम से पिढी दर पिढी हस्तांतरित होता रहा है, उचित संरक्षण के अभाव में आधुनिकता के थपेडो से इसका निरंतर क्षरण हेा रहा है। इसे सहेजने के लिये भागीरथी प्रयास किए जाने की आवश्यकता है, प्रदेश के अग्रणी विश्वविद्यालय होने के नाते देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इस कार्य में महत्वपूर्ण भुमिका निभा सकता है। साथ ही उन्होने बताया की क्षेत्र स्वास्थ्य सुविधाओ के मामले में भी काफी पिछडा हुआ है जिसके कारण दुरदराज के क्षेत्रो में सामान्यजन को अनेकोनेक कठिनाइयों का समाना करना पडता है। क्षेत्र में एक मेडिकल काॅलेज की स्थापना होने से यहाॅ की स्वास्थ्य सेवाओं में अपेक्षित सुधार आ सकता है। समीपवर्ती जिलोे रतलाम, मंदसौर, नीमच में से प्रत्येक जिले में उसका अपना मेडिकल काॅलेज है इस बात को ध्यान में रखते हुए शर्मा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मांग की है कि क्षेत्र में मेडिकल काॅलेज खोलने की अनुमति देकर जनभावनाओं केा पूर्ण करे। Post navigation गौरव यात्रा में बोले कलसिंह भाबर- देश की आजादी में टंट्या मामा का बलिदान समाज के लिए गर्व का विषय गौरव यात्रा का नगर में पहुंचने में ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत