रितेश गुप्ता@थांदला

  बुधवार को जिला न्यायालय परिसर झाबुआ में चिल्ड्रन फ्रेंडली कोर्ट का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कर कमलों से संपन्न हुआ। उक्त कोर्ट का मुख्य उद्देश्य यह है कि लैंगिक अपराधों से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2012 के अंतर्गत गठित पॉक्सो कोर्ट एवं अन्य महिला संबंधी अपराधों के अंतर्गत गवाही हेतु उपस्थित पीड़ित महिला पक्षकार एवं उनके नवजात शिशुओं के आराम हेतु सर्व सुविधा युक्त स्थान उपलब्ध करवाया जा सके जिससे शिशुओं एवं महिलाओं के मानसिक दशा पर न्यायालय या पुलिस का खौफ ना हो और उन्हें एक आरामदायक एवं मानसिक रूप से संतुष्ट करने योग्य वातावरण प्रदान किया जा सके। इसी अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं जागरूकता विधिक साक्षरता शिविर का भी आयोजन किया गया जिसमें महिला एवं बाल अधिकार संरक्षण से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की गई। चिल्ड्रन फ्रेंडली कोर्ट के अंतर्गत वेब कैमरा प्रोसिडिंग सिस्टम का भी शुभारंभ किया गया जिससे नाबालिग पीड़िता का सामना प्रत्यक्ष रूप से आरोपी के समक्ष न हो सके एवं भय रहित वातावरण में अपनी बातें न्यायालय को बता सके जिससे उसके मामले में प्रभावी न्याय प्रदान किया जा सके। उक्त कोर्ट में मानव जीवन के अनुकूल अन्य सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है ‌न्यायालय कक्ष एवं कॉरीडोर में बाल मनोहारी एवं बाल शिक्षाप्रद चित्रों को भी लगाया गया है जिससे बच्चों के अनुकूल वातावरण निर्मित हो सके एवं वह न्याय प्रक्रिया में घुटन महसूस ना करें।
शुभारंभ कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश महेश शर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव एवं अपर जिला न्यायाधीश राजेश देवलिया, चिल्ड्रन फ्रेंडली कोर्ट के पीठासीन न्यायाधीश सुनील मालवीय ,अपर जिला न्यायाधीश संजय चौहान ,मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गौरव प्रज्ञानंद तथा अन्य समस्त न्यायाधीश गण एवं अधिवक्तागण एवं अभियोजन की ओर से उपसंचालक के एस मुवेल, जिला अभियोजन अधिकारी एसएस खींची, अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी मनीषा मुवेल सहित समस्त अभियोजन अधिकारी उपस्थित रहे। जिला अभियोजन अधिकारी एसएस खींची द्वारा जिला एवं सत्र न्यायाधीश के सद्प्रयासों से बने चिल्ड्रन फ्रेंडली कोर्ट की प्रशंसा की।

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