विपुल पंचाल, झाबुआ
साज रंग के सक्रिय सदस्य बहुमुखी प्रतिभा के धनी सेवाभावी शाकिर कुरैशी का शुक्रवार को हृदयघात से निधन हो गया। शाकिर उर्फ मुन्ना भाई जिला चिकित्सालय झाबुआ के ऑलराउंडर के नाम से जाने जाते थे, हॉस्पिटल में वैसे तो वे शव वाहन के ड्राइवर थे लेकिन शाकिर भाई को जो भी काम सौंपा जाता उसे पूरी निष्ठा व इमानदारी के साथ निर्वहन करते थे। लेकिन प्रतिभाशाली होने के चलते वे इलेक्ट्रिशिन, प्लम्बर, ड्राइवर या कोई भी कार्य सौंपा जाता वे उसे पूरा करके ही लौटते थे। वर्तमान में विपरीत परिस्थितियों में कोविड-19 की महामारी में शव को श्मशान घाट तक पहुंचा कर शव का परिजनों से कोविड प्रोटोकॉल के तहत दाह संस्कार करवाना या सुपू-दे-खाक की के कार्य को पूरा करवातेथे। कोरोना महामारी के दौरान शाकिरभाई द्वारा 85 शवों को दिन रात वाहन चलाते हुए शमशान तक पहुंचाया गया, उन्हें मुन्ना कुरैशी के नाम से जाना था। डॉक्टर सावनसिंह चौहान का कहना है कि शाकिर भाई एक शव को मुक्तिधाम पहुंचाकर लौट रहे थे तभी वाहन चलाने को दौरान उन्हें सीने में दर्द हुआ और वे जिला चिकित्सालय जैसे-तैसे पहुंचे एवं उन्हें तत्काल भर्ती करवाया गया लेकिन हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया। इस तरह जिला चिकित्सालय ने ऐसे समय एक ऑलराउंडर खो दिया जिसका स्थान भरा जाना असंभव है। जैसे ही उनके निधन का समाचार मिला पूरे चिकित्सालय में मातम छा गया। जिला चिकित्सालय के डॉक्टर, नर्स समेत जिलेवासियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।गौरतलब है कि उनकी कोरोना के महामारी काल में लगातार मरीजों की सेवा करते हुए वे भी कोरोना संक्रमण की जद में आ गए थे, जिनकी रिपोर्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

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