दिपेश प्रजापति, झाबुआ
जनजातीय विकास मंच ने विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्टर सोमेश गुप्ता को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कलेक्टर से मांग की गई कि विगत वर्षों में कोरोना महामारी के समय पाया गया कि हमारे जिले से मजदूर जाते है अन्य राज्यों में उनका पंचायत स्तर पर पंजीयन रजिस्टर में दर्ज करने की मांग की है। इसी के साथ नर्मदा माही लिंक सिंचाई परियोजना के अंतर्गत पिटोल क्षेत्र झाबुआ विकास खंड के लगभग 45 गांव छूट रहे उनको इस परियोजना के अंतर्गत जोडने जिससे पलायन रुकेगा, ओर रोजगार उत्पन्न होंगे, जिससे इन गांवों को लाभ मिलने की मंग की है। देश को आजाद हुए 75 वर्ष होने जा रहे हैं। पूरे भारत देश मे अमृत महोत्सव के रूप में मना रहे ऐसे ही यदि पूरे जिले में 26 जनवरी 2022 को क्रांतिकारी जननायक टंट्या मामा, शहीद चद्रशेखर आजाद, भीमा नायक आदि ऐसे उनके स्मृति में प्रत्येक विद्यालय में उनके बारे में बताया जाए। 134 डूब क्षेत्र अनास बैराज झाबुआ की राशि अभी तक हितग्राहियों को प्राप्त नही हुई है । पिछले वर्ष माह अप्रैल 2021 में कोरोना महामारी 19 के अंतर्गत 12 रुपये प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना बीमा योजना, 330 रुपये जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत राशि अवगत कराएं एवं कोविड 19 से हुई मौत पर पीडि़त परिवार को मुआवजा दिलवाया जाए। साथ ही कॉलेज के विद्यार्थियों को नि:शुल्क कॉप, पुस्तक उपलब्ध करवाई जाए 2021-2022 कि जो सरकार द्वारा प्रतिवर्ष दी जाती हैं। दक्षिण कालिका माताजी मंदिर झाबुआ के वर्तमान पुजारी जो पूजा कर रह रहे है उनको हटाकर अन्य को रखा जाए। साथ ही नवनीत कला मण्डल का नाम बदलकर दक्षिण कालिका माताजी मंदिर का नाम रखा जाने की मांग जनजाती विकास परिषद के पदाधिकारियों ने की है, तो वही पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिये ऐसे जिले के धार्मिक स्थल बाबा देव समोई, टिटकी माताजी टिटकी खेडी पिटोल क्षेत्र, स्वयं भू माता देवीगढ़, शिवलिंग कुशलपुरा झाबुआ में 1000 वर्ष पुराना को संरक्षित किया जाए। इस अवसर पर जनजाति विकास मंच, अलकेश मेड़ा, कमेश बिलवाल सह युवा प्रमुख वनवासी कल्याण परिषद झाबुआ ,मुकेश मेड़ा आदि मौजूद थे।

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