जितेंद्र वाणी@नानपुर एक जमाना था जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सीना ठोक कर अपना चाल, चरित्र और चेहरा अलग होने का दावा करते थे। राजनीति में शुचिता के झंडाबरदार होने का दम भरते थे और कांग्रेस को भ्रष्टाचार की ‘गंगोत्री’ बताते थे। लेकिन नानपुर के कुछ छूट भइया नेताओं ने पार्टी की छवि को धूमिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जिसके चलते नानपुर पंचायत को भ्रष्टाचार की गंगोत्री बना दी। कुछ भ्रष्ट नेता गांव के विकास की जगह अपना विकास करने में लग गया है, जिसके चलते सारे नियमों को ताक में रख कर अपने परिजनों के नाम से कई दुकाने नीलामी में ले ली है।नीलामी में पारदर्शिता नहीं बरतें जाने को लेकर विरोध के स्वर उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार आम जनता आज भी छोटी छोटी दुकाने लगा के किराए भर के अपने परिवारो का पालन पोषण कर रहे है ।वही इन नेताओं की दबंगई से गांव का सौंदर्य बस्टेशन पर गांव हित मे न चलते हुए बड़ी बड़ी लाखो की दुकाने आगे मोर्चे की लेकर अपनी ही पंचायत में नकली लिखा पड़ी कर कि सही व जरूरत मन्द लोगो की जगह अपनी दुकाने लेने वाले नेताओं को खरी खरी सुनाती है ।जनता दिल से बदुआये देती नेताजी जनप्रतिनिधि को चने के झाड पर चढ़ा के झूटी वाही वाही करते अपनी दुकाने चलाने में माहिर है आज लाखो रुपये देकर भी आम दुकानदारों के पीछे ये नेताजी अपनी अपनी दुकाने चालू कराने दबाव बनाते रहे है ।ये सब आम जनता देख रही है मामले की जांच भी शुरू हो चुकी है। अब देखना होगा कि इन भ्रष्ट नेताओं को आगामी होने वाले पंचायत चुनाव में जनता क्या जवाब देगी?? Post navigation एक बार फिर जिले में 7 सेम्पल की रिपोर्ट आई पॉजिटिव; 2 की रिपोर्ट इंदौर से भी पॉजिटिव झाबुआ जिले में 14 पॉजिटिव, झाबुआ 9, थांदला 3 थांदला, मदरानी 2 यह हुए संक्रमित