जितेंद्र वर्मा, जोबट गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग को लेकर सोमवार को जोबट नगर में एक प्रभावशाली रैली का आयोजन किया गया। शिवाले प्रांगण से प्रारंभ हुई इस रैली में सर्वधर्म समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और सामाजिक एकता की मिसाल पेश की। रैली नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई तहसील कार्यालय पहुंची, जहां प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में केंद्र एवं राज्य सरकार से गौ हत्या पर सख्त प्रतिबंध लगाने, गौशालाओं को पर्याप्त अनुदान देने और गौ माता को “राष्ट्रीय माता” का दर्जा प्रदान करने की मांग की गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, परंपरा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला रही है। गौवंश केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य और पर्यावरण संतुलन से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि “यदि गौ संरक्षण को राष्ट्रीय स्तर पर प्राथमिकता दी जाए, तो यह देश की आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था को भी सुदृढ़ करेगा।” वक्ताओं ने आगे कहा कि गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित करना केवल एक सम्मान का प्रतीक नहीं होगा, बल्कि इससे गौ संरक्षण के लिए ठोस नीतियां बनाने का मार्ग भी प्रशस्त होगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस दिशा में शीघ्र निर्णय लेते हुए देशभर में सख्त कानून लागू किए जाएं। रैली के दौरान विभिन्न धर्मों के लोगों ने एकजुट होकर गौ संरक्षण के समर्थन में नारे लगाए और सौहार्द एवं भाईचारे का संदेश दिया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, युवा एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे यह आयोजन जनआंदोलन का रूप लेता नजर आया। Post navigation गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग तेज: जोबट में 27 अप्रैल को सौंपा जाएगा ज्ञापन जोबट में बड़ा हादसा: कचरा वाहन की टक्कर से 6 घायल, बच्चों सहित सभी का इलाज जारी