चंद्रभान सिंह भदौरिया @ चीफ एडिटर गुजरात में हो रहे विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अब गुजरात से सटे अलीराजपुर जिले के 44 और झाबुआ जिले के 54 गांवों के नागरिकों की सुरक्षा अब भगवान और पुलिस विभाग के भरोसे आगामी 8 दिसंबर तक रहेगी .. दरअसल गुजरात में चुनाव के मद्देनजर गुजरात के सीमावर्ती जिलों ने बार्डर एरिया के शस्त्र लायसेंस निलंबित कर थानों में जमा करवाने का आग्रह किया था.. इस संबंध में भारत निर्वाचन आयोग के आदेश मिलने के बाद अलीराजपुर और झाबुआ कलेक्टरो ने इन गांवों के शस्त्र लायसेंस निलंबित कर उन्हें स्थानीय पुलिस थानो में जमा करने के आदेश जारी किये है। ग्रामीणों की चिंता – वारदातें बढ़ सकती है बार्डर इलाकों के शस्त्र जमा होने से कुछ गांवो की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों में चिंता है अलीराजपुर जिले के बरझर – महिंद्रा आदि गांवों में गुजरात से आकर बदमाश चोरी की वारदातें करते आये है। गांवों में शस्त्र लायसेंस होने से थोडा अंकुश रहता है लेकिन लायसेंसी शस्त्र जमा होने के बाद खतरा बढ़ गया है .. दरअसल बरझर पुलिस चौकी पर पर्याप्त पुलिस बल नहीं है मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की बरझर को थाना बनाने की घोषणा भी खोखली साबित हुई इससे ग्रामीणों में चिंता है कि अगले 20 दिन उनकी सुरक्षा चिंता में बीतेंगे.. इस संबंध में अलीराजपुर एसपी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि गुजरात चुनाव के मद्देनजर प्राप्त आदेश के परिपालन में शस्त्र लायसेंस जमा करवाये जा रहे हैं ग्रामीणों को पुलिस गश्त के जरिए सुरक्षा देगी। Post navigation 18 नवंबर से 31 दिसंबर 2022 तक चलेगा किसान क्रेडिट कार्ड बनाने का विशेष अभियान देश के प्रथम मिसाइल मैन की यौमे विलादत पर मुस्लिम महासभा ने खिराज ए अकीदत पेश की