अर्पित चोपड़ा, खवासा गायत्री परिवार के देव संस्कृति विश्वविद्यालय के उप कुलपति, ख्यात वक्ता डॉ. चिन्मय पंड्या झाबुआ जिले में अल्प प्रवास के दौरान खवासा स्थित नवचेतना केंद्र आये जहाँ गायत्री परिवार द्वारा जोरदार स्वागत सत्कार किया गया। अपने उदबोधन में डॉ पंड्या ने कहा कि परिवर्तन की शुरुवात हो चुकी है, युग परिवर्तन की बेला में नवयुवक को महती भूमिका निभाना है क्योंकि देश की बिगड़ती संस्कृति को सिर्फ आज का नवयुवक ही बचा सकता है । उन्होंने कहा कि आज का नवयुवक व्यसन और फैशन में मस्त होकर अपने और परिवार को खत्म करने में लगा हुआ है । देश में नवयुवक के बढ़ते व्यसन से सभी कोई दुखी है अतः हमें सब को मिलकर परिवार के नवयुवक को संस्कार और संस्कृति का पाठ पढ़ाना जरूरी है तभी हम अच्छे और सुसंस्कृत समाज की कल्पना कर सकते है । महामंत्र गायत्री मंत्र का जाप प्रतिदिन करना चाहिए । “नागरजी की एक टप्पी” पुस्तक का हुआ विमोचन ‘नागरजी की एक टप्पी’ लघु पुस्तिका का आज खवासा के शंकर मंदिर प्रांगण में गायत्री परिवार द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में विमोचन हुआ। विमोचन गायत्री परिवार के देव संस्कृति विश्वविद्यालय के उप कुलपति डॉ श्री चिन्मयजी पंडया के हाथों हुआ। इस पुस्तिका में मालव-माटी के महान संत श्री कमल किशोरजी नागर की कथाओं से संकलित सदवाक्य व सुविचार हैं। पुस्तक का संकलन वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी हेमंत चोपड़ा ने नागरजी की कथा से किया है । ) Post navigation धर्म रक्षक की ओपन कबड्डी-तीरंदाजी प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश की इस टीम ने जीता कबड्डी का फाइनल अज्ञात बदमाशों ने धारदार हथियारों से किया युवक पर हमला, गम्भीर घायल ..