मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ चैत्र मास के शुक्ल पक्ष में संपन्न होने वाले गणगौर उत्सव की धूम मची है महिलाओं की विशेष रुचि वाला यह त्यौहार यो तो निमाड़ मालवा की पहचान वाला है मगर अब यह आदिवासी बाहुल्य अलीराजपुर जिले में भी प्रमुखता के साथ मनाया जाने लगा है आम्बुआ जो प्रदेश के पश्चिमी छोर पर गुजरात सीमा के समीप है में भी गणगौर धूमधाम से मनाया जा रहा है। विगत दिनों से प्रारंभ हुआ गणगौर अब अपने अंतिम समय की और जा रहा है कस्बे में प्रति शाम को फूल-पाती का जुलूस महिलाओं द्वारा निकाला जा रहा है इसमें बाल शिव भक्त मंडल की नन्ही कन्याए भी अपना योगदान दे रही है वे भी प्रति शाम पाती जुलूस में जा रही है गणगौर गीत भजन गाने के साथ ही गणगौर माता को शीश पर रखकर नृत्य आदि भी कर रही है श्री राम मंदिर प्रांगण में भव्य गणगौर उत्सव की झलक देखी जा सकती है ढोल की धुन पर नृत्य मनमोहन बन जाते हैं घंटों तक चलने वाले कार्यक्रम के बाद प्रसादी वितरण की जाती है। Post navigation सनातन हिंदू समाज ने नव वर्ष गुड़ी पड़वा पर्व मनाया, घट स्थापना के साथ नवरात्र का शुभारंभ हुआ मतदाता जागरूकता रथ द्वारा मतदाताओं को मतदान करने हेतु प्रेरित किया गया