मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ क्षेत्र से वर्षा मानो विदा हो चुकी थी पिछले दो हफ्तों से क्षेत्र में तेज उमस एवं गरमी के कारण लोग परेशान हो रहे थे ग्रामीण क्षेत्रों में कृषक पकी हुई फसलों को समेटने में जुट गए थे कि 23 सितंबर की शाम अचानक ही आसमान पर काले बादल छाए तथा तेज गड़गड़ाहट के साथ हुई बारिश ने क्षेत्र को तरबत कर दिया दूसरे दिन 24 सितंबर को पुनः शाम को वर्षा हुई इसी रात लगभग 11 बजे तेज़ हवा के साथ मूसलाधार बारिश हुई इस वर्षा से खेतों में खड़ी कुछ फसलों को फायदा होगा तो कुछ फसलें जो कि कटो पड़ी है उनके खराब होने की संभावना बनती नजर आ रही है इस कारण कृषकों में घबराहट देखी जा रही है। इस बारिश से आम्बुआ में चल रही श्री महाशिव पुराण कथा में भी व्यावधान आया और दो दिनों तक टेंट गिरता रहा। इस बारिश से नदी नालों में पुनः तेज बहाव देखा जा रहा है। Post navigation भगवान का अवतार धर्म एवं भक्तों के कल्याण के लिए होता है : पंडित शैलेंद्र शास्त्री सड़क से नहीं हटाया गया बिजली का खंभा, रहवासियों को दुर्घटना की आशंका