मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ

कोरोना की महामारी से बचाव हेतु विभिन्न स्तरों पर शासन प्रशासन द्वारा विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं उन्हीं में से कोरोना की वैक्सीनेशन करया जाना प्रमुख माना जा रहा है । 21 जून से इस महा अभियान का शुभारंभ हुआ जिसमें प्रशासन का पूरा अमला जुटा हुआ है यह अभियान 30 जून तक जारी रहेगा।

जैसा की विदित है कि कोरोना नायक महामारी सारे विश्व में फैली हुई है ।उसी कड़ी में भारत जैसा विशाल देश भी अछूता नहीं है। इस बीमारी से बचाव हेतु 16 जनवरी 21 से वैक्सीनेशन का कार्य प्रारंभ किया गया पहले इस बीमारी का टीका 65 वर्ष से ऊपर के लोगों को तथा फिर 45 वर्ष और इसके बाद 18 वर्ष से ऊपर वालों को यह टीका लगाया जा रहा है ।इस अभियान में अभी तक वह सफलता नहीं मिली जिसकी उम्मीद शासन स्तर पर लगाई गई थी। इसका प्रमुख कारण प्रचार-प्रसार के साथ ही लोगों द्वारा फैलाई जा रही भ्रांतियां(अफवाह) भी एक कारण माना जा रहा है ।जिसे प्रशासनिक स्तर पर दूर करने का प्रयास जारी है अफवाहों को रोकने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर चौपाल के माध्यम से दूर करने का प्रयास असर कारक हो सकता है।

वैक्सीन के प्रति लोगों में उदासीनता को देखते हुए शासन द्वारा प्रशासनिक स्तर पर 21 जून से जो महा अभियान प्रारंभ किया गया है ।उसमें पुलिस प्रशासन राजस्व प्रशासन पंचायत तथा आंगनवाड़ी आशा कार्यकर्ता के साथ ही शिक्षा विभाग को भी लगाया गया है जिसका असर आज वैक्सीनेशन केंद्रों पर भी देखने को मिला जहां पर थाना प्रभारी सदल बल के साथ तो तहसीलदार पटवारी पंचायत सचिव आदि मुस्तैदी के साथ लगे रहे जिन्हे जो लक्ष्य दिया गया वह अपना लक्ष्य पूरा करने में जुटा दिखाई दिया टीकाकरण केंद्रों पर 18 वर्ष से ऊपर के युवाओं के साथ ही अन्य उम्र के लोग (महिला पुरुष) टीका लगवाते दिखाई दे रहे थे इससे लगता है कि अब इस महामारी से निजात पाने हेतु टीकाकरण कार्यक्रम अपने लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेगा तथा कोरोना को हराने में भारत कामयाब रहेगा। शाम 5 बजे तक कुल 123 लोगों को वैक्सीन लगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *