रितेश गुप्ता, थांदला

 क्षेत्र से लगे राजस्थान के कुशलगढ़ कस्बे में कोरोना के मरीजो की संख्या 59 तक पहुच जाने से जो भय व घबराहट क्षेत्र में फैली थी वह भय व घबराहट अब दूर होती जा रही है । पुलिस की बीटीएस योजना से जहां पाजिटिव के संपर्क में आए लोगो का पता लगा वही चिकित्सा दलों ने भी सक्रियता से उस दिशा में कार्य करने का ही नतीजा रहा कि पिछले 4 दिनों की हो रही सेम्पलिंग की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने व भर्ती पॉजिटिव मरीजो में 3 के पूर्ण स्वस्थ होने के साथ अन्य मरीजो के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार आया । हालांकि इस प्रगतिपूर्ण कार्य मे अंतिम दौर में चिकित्साकर्मियों एवं पुलिसकर्मियों के व्यवहार व लापरवाही के प्रति भी स्थानीय नागरिकों व जनप्रतिनिधियों में नाराजगी देखी गई जिसकी शिकायते वरिष्ठ अधिकारियों तक हुई । पॉजिटिव मरीजो की संख्या पर विराम लगने व 4 दिनों की जांच रिपोर्ट के नेगेटिव आने से कुशलगढ़ क्षेत्र कि जनता में हर्ष देखा जा रहा है, प्रशासन, चिकित्सा विभाग भी राहत महसुस कर रहा है तो थांदला क्षेत्र के लोगो मे भी भय दूर होने लगा है ।

पुलिस का बीटीएस प्लान बना माध्यम

कुशलगढ़ में बढ़ते जा रहे कोरोनाग्रस्त रोगियों के बारे में प्रशासन, पुलिस व आरएनटी मेडिकल कालेज के दल व चिकित्सा विभाग का अमला सकते में था । 31 मार्च को एक महिला की चिकित्सा के दौरान मृत्यु व अगले दिन उनका जनाजा निकलने के बाद उसके पति व पुत्र की जांच रिपोर्ट पाजिटिव आई परन्तु उनके परिवार के द्वारा तत्समय चिकित्सा दल को सहयोग नही किया जिससे कोरोनाग्रस्त रोगियों की संख्या बढ़ने लगी तब पुलिस ने टेली कम्युनिकेशन के बीटीएस को माध्यम बनाया जिससे कोरोना पाजिटिव के संपर्क में आए लोगो की तलाश प्रारम्भ हुई और कोरोना रोकने में मददगार साबित हुई । हालांकि तब तक काफी देर ही गई थी पाजिटिव आंकड़े बढ़ते गए फिर भी चिकित्सा दलों ने सर्वे किया व सच्चई जानने का प्रयास किया परन्तु सहयोग नही मिला । बमुश्किल समझाइस देते हुए काफी मशक्कत के बाद उनकी स्क्रीनिंग व सेम्पलिंग करवाई तब संक्रमण के शिकार हुए लोगो का खुलासा होता गया, आंकड़े बढ़ते गए । संपर्क में आए लोगो को कवारेंटाइन करते जाने से स्थिति में सुधार आने लगा । अगर पाजिटिव कोरोनाग्रस्त तत्समय सहयोग प्रदान कर सच्चाई से अवगत करवा देते तो भयावह स्थिति निर्मित नही होती । खेर पुलिस व चिकित्सा दलों का प्रयास रंग लाया व कुशलगढ़ में कुशलता दिखाई देने लगी है ।

दोनो पाजिटिव स्वस्थ होकर लोटे

पत्नी की मृत्यु के बाद 4 अप्रेल की जांच में पाजिटिव रिपोर्ट आने वाले दोनो पिता पुत्र को उदयपुर महाराणा प्रताप चिकित्सालय रेफर किया जाकर उपचार किया गया उसके बाद उनके स्वास्थ्य में सुधार आने पर दो बार जांच की व दोनो बार रिपोर्ट नेगेटिव आई तब उन्हें डिस्चार्ज कर बाँसवाड़ा भेज दिया गया । इसी तरह एक अन्य महिला की भी रिपोर्ट नेगेटिव आकर स्वस्थ हो गई । 7 अन्य मरीजो में भी तेजी से सुधार हो रहा है तो शेष कुशलगढ़ के अन्य मरीजो की भी तबियत सुधार की ओर है ।

नया इजाफा नही होना संतोषप्रद

सीएमएचओ डॉ एचएल तबियार के अनुसार पिछले चार दिनों में विभागीय टीमो ने 964 लोगो की स्क्रीनिंग की इसमें 43 लोगो को इन्फ्लूएंजा (आईएलआई) के लक्षण पाए गए । इन चार दिनों में कोई नया कोरोनाग्रस्त पाजिटिव नतीजे का इजाफा नही होना व नेगेटिव नतीजे आना काफी संतोषप्रद है । अभी भी सेम्पलिंग का कार्य टीमें कर रही है व हालात पूरी तरह से काबू में है ।

पुलिस व चिकित्सा कर्मियों पर आरोप

अब अंतिम दौर के चलते कुशलगढ़ की कन्याशाला में बनाये गए आइसोलेशन सेंटर पर कार्यरत चिकित्साकर्मी व पुलिस कर्मियों पर आइसोलेट लोगो ने दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की तथा मुख्यमंत्री को ट्वीट करते हुए कहा कि यहां पदस्थ मेलनर्स द्वारा दुर्व्यवहार करते हुए पुलिसकर्मियों को बुलवाक़े मारपीट की । राजनीति दलों के पदादिकारियो ने इस पर नाराजगी व्यक्त की ।

स्वायत शासन सचिव पहुचे

राजस्थान के स्वायत शासन सचिव भवानीसिंह देवा ने गुरुवार को कुशलगढ़ का दौरा किया तथा क्षेत्र की विधायक रमिला खड़िया तथा अधिकारियों के साथ कोरोनाग्रस्त वार्डो के साथ ही आईटीआई कालेज व मामा बालेश्वर दयाल कालेज स्थित कारेंटाइन सेंटर का निरीक्षण कर प्रतिदिन सर्वे करने तथा संदिग्धों के सेमलिंग के निर्देश दिए । पुलिस अधीक्षक केशरसिंह शेखावत ने क्षेत्र की कानून व्यवस्था की स्थिति से अवगत करवाया ।

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