झाबुआ- प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा झाबुआ के पूर्व जिला ंपंचायत सीईओ का तबादला कर उन्हें अन्यत्र स्थान पर भेज दिया गया है एवं नए सीईओ को भेजकर ग्रामीण क्षेत्रों में खाटला बैठके एवं चोपाल लगवा रहे है, क्या इससे शासन की योजनाओं का 100 फीसदी क्रियान्वयन हो जाएगा।
यह प्रश्न जिला पंचायत अध्यक्ष एवं जिला कांग्रेस कार्यवाहक अध्यक्ष सुश्री कलावती भूरिया एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष चन्द्रवीरसिंह राठोर’ ने पूछा है। जिपं उपाध्यक्ष ने बताया कि पूर्व में जो जिला पंचायत सीईओ थे, वे अपने कर्तव्यों के प्रति कर्तव्य निष्ठ एवं ईमानदार थे। उनका जबरन तबादला कर उन्हें अन्यत्र स्थान पर भेज दिया गया। अब नए सीईओ को ग्रामीण क्षेत्रांे में जाकर खाटला बैठके एवं चैपाले लेकर ग्रामीणांे की समस्याएं जानने के निर्देश दिए गए है।
कितने दिन चलेगी यह बैठके – जिला पंचायत उपाध्यक्ष राठोर के साथ जिला पंचायत एवं जिला कांग्रेस कार्यवाहक अध्यक्ष कलावती भूरिया ने पूछा है कि यह खाटला बैठके एवं चैपाले कब तक चलेगी। उन्हांेने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री इसके माध्यम से हार का कारण जानने रहे है, लेकिन जिले की जनता उन्हें पहले ही जवाब दे चुकी है और केवल कुछ दिनांे तक ही इस तरह की बैठकों एवं चोपालों से ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का ष्लाभ नहीं मिल सकता है। इसके लिए निरंतर जमीनी स्तर पर कार्य करना आवश्यक है।
एम्स में डीएनए करवाने की मांग – इसके साथ ही जिला पंचायत एवं जिला कांग्रेस कार्यवाहक अध्यक्ष भूरिया ने कहा कि राजेन्द्र कांसवा के मृत होने की जो रिपोर्ट पुलिस द्वारा पेष की गई है, वह झूठी है। इसके माध्यम से सरकार अपने पर से पल्ला झाड़ने का प्रयास कर रहंी है एवं कासवां को पूरी तरह से बचाने का प्रयास कर रहंी है। चूंकि कासवां भाजपा से जुड़ा है। भूरिया ने रिपोर्ट को एम्स में भेजकर सीबीआई निगरानी में इसकी जांच करवाने की मांग की है, तभी दूध का दूध और पानी का पानी हो सकेगा।

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