भूपेंद्र चौहान, चंद्रशेखर आजाद नगर चंद्रशेखर आजाद नगर क्षेत्र के देवली स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका कन्या छात्रावास में काम करने वाली महिलाओं को सरकार द्वारा तय कलेक्टर दर से कम वेतन दिए जाने का मामला सामने आया है। हॉस्टल में खाना बनाने, सफाई और दैनिक कार्यों में लगी महिलाओं को सिर्फ 7,600 रु. प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है, जबकि कलेक्टर दर इससे कहीं अधिक है। छात्रावास के बाहर महिलाओं से बातचीत में कहा कि—उन्हें पूरा काम करवाया जाता है लेकिन वेतन सरकारी दर के अनुसार नहीं मिल रहा। कई महीनों से उनके वेतन में कटौती की जा रही है। महिलाओं ने बताया कि वे लंबे समय से उचित वेतन की मांग कर रही है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। ग्राम के सरपंच बाबू भाई परमार ने भी इस गड़बड़ी की पुष्टि करते हुए कहा कि—“पांच महिला कर्मी पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं। उन्हें पूरा कलेक्टर दर का वेतन मिलना चाहिए। अगर किसी अधिकारी या अन्य महिला द्वारा उनका वेतन काटा गया है, तो यह उनके हक का सीधा अपमान है। सरपंच ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री महिलाओं को सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ाने की बात करते हैं। लेकिन जमीन पर ही महिलाओं का हक मारा जा रहा है, यह बिल्कुल गलत है। उन्होंने बताया कि महिलाओं ने उन्हें आवेदन सौंपा है और वे इस पूरे मामले को एसडीएम, डी,पी,सी और कलेक्टर तक लिखित शिकायत के रूप में पहुँचाएंगे। सरपंच की मांग है कि—पांचों महिलाओं को सरकारी कलेक्टर दर के अनुसार पूरा वेतन दिया जाए। पिछले वेतन का अंतर तुरंत चुकाया जाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। Post navigation चंद्रशेखर आज़ाद नगर विकासखंड में 7 नई सड़कों के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया सड़क की मैपिंग होने के बावजूद गाड़ रहे बिजली के पोल