चंद्रभानसिंह भदौरिया चीफ एडिटर झाबुआ-अलीराजपुर मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के बीच बीते कुछ समय से कडक़नाथ मुर्गे के आधिपत्य को लेकर चल रही जंग में आखिरकार मध्यप्रदेश की जीत हुई है। भौगोलिक संकेतक कार्यालय चेन्नई ने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के दावे को खारिज कर दिया। इसके साथ ही अब यह साफ हो गया है कि कडक़नाथ मध्यप्रदेश के झाबुआ की ब्रीड है। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश की ओर से पांच साल पहले ही ग्रामीण विकास ट्रस्ट के झाबुआ कार्यालय की ओर से झाबुआ के कडक़नाथ के नाम से जीआई टैग आवेदन किया गया था, जो भौगोलिक संकेतक कार्यालय चेन्नई में पेंडिंग था। उसके बाद कुछ महीने पहले छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा प्रशासन ने कडक़नाथ मुर्गे जीआई टैग मांगा था, मगर भौगोलिक संकेतक पंजीयन कार्यालय चेन्नई ने मामले की जांच में पाया कि कडक़नाथ प्रजाति का मुख्य स्त्रोत मध्यप्रदेश का झाबुआ जिला ही है। गौरतलब है कि कडक़नाथ मुर्गे का मांस में मौजूद आइरन एवं प्रौटीन की अधिकता एवं कॉलोस्ट्रोल की कमी के चलते खासा लोकप्रिय माना जाता है तथा इस मुर्गे के खून व हड्डी एवं पंख का कलर भी काले या गहरे सांवले रंग का होता है। Post navigation कडक़नाथ एप लांच होते ही ऑर्डर मिलना शुरू, सरकार को सप्लाई की चिंता नवसाक्षरों की परीक्षा का किया आयोजन