झाबुआ Live डेस्क की स्पेशल रिपोर्ट ।।

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मार्च महीने मे आये भारी भरकम बजट को ठिकाने लगाने के लिए आदिवासी विकास विभाग मे जमकर लाखो रुपये की खरीदी के नाम पर बंदरबांट हुई है । जिस सामान की आवश्यकता नही थी वे सामान भी अधिक मूल्य चुकाकर खरीद लिऐ गये है झाबुआ जिले के होस्टल / आश्रम मे हुऐ इस घोटाले को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया लेकिन चोर की दाढ़ी मे तिनका तज॔ पर यह लुट कागजों पर ही पकड़ी गई है अब सहायक आयुक्त जिन पर यह जिम्मेदारी थी कि वह ऐसी गडबडी पर निगाह रखे वह ही जांच की बात कह रही है । जबकि आवश्यकता इस बात की है कि सीईओ जिला पंचायत अनुराग चौधरी के नेतृत्व मे कलेक्टर को इसकी जांच करवानी चाहिऐ ओर कलेक्टर को यह नही भूलना चाहिऐ कि आदिवासी विकास कलेक्टर के नाम से संचालित होता है ओर अगर झाबुआ कलेक्टर डा अरुणा गुप्ता अगर इसका मुददे पर मौन रहेगी तो यह माना जायेगा कि वे महाभारत के भीष्म पितामह की तरह सब कुछ गलत होते हुऐ देख रही है । गौरतलब है कि होस्टल मे रसोइयन होते हुऐ भी आटा गूँथने की मशीने भारी कीमत चुकाकर खरीदी गयी है ओर सैमसंग की टीवी की जगह इंटैक्स का टीवी सेट लगाया गया है । कुल घोटाला दो करोड सेट अधिक का है । वही कुछ लोग इस मामले को लोकायुक्त मे या विशेष भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय मे ले जाने की तैयारी कर रहे है बताया जाता है कि जिले के दो विधायकों के रिश्तेदारो एंव करीबीयो के साथ बीजेपी से जुडे लोगो ने यह सप्लाई की है यहा स्मरण रहे इनके प्रधानमंत्री ओर मुख्यमंत्री 0 टॉलरेंस यानी भ्रष्टाचार मुक्त भारत ओर मध्यप्रदेश के दावे मंचों से करते है । कांग्रेस सासंद कांतिलाल भूरिया ने कहा है कि वे आयुक्त आदिवासी विकास शोभित जैन को लिखित मे जांच करवाने का अनुरोध कर रहे है ।।

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