संजय गांधी@बोरी

एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि हर व्यक्ति को पीने के लिए शुद्ध जल मिले वहीं ग्राम बोरी में मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन की लापरवाही से भरी बरसात में भी लोग पीने के पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। 

उपरोक्त मार्ग का ग्राम के अंदर जहां निर्माण किया जा रहा है उसी के नीचे ग्राम पंचायत की नल जल योजना की पाइप लाइन बिछी हुई है। लेकिन एमपीआरडीसी के प्रोजेक्ट में उपरोक्त पाइपलाइन का कहीं भी जिक्र नहीं होने से निर्माण एजेंसी के द्वारा पाइपलाइन को रोड के नीचे दबाया जा रहा है। ना तो ग्रामवासी अब उस पाइप लाइन से कोई नवीन कनेक्शन ले सकते हैं और ना ही ग्राम पंचायत उस पाइप लाइन में आई खराबी को दूर कर सकती है। पंचायत में दी जाने वाली पानी की सप्लाई के बाल भी इसी रोड के नीचे दब रहे हैं जिससे पेयजल सप्लाई करने में परेशानी आ रही है। 

दरअसल, कट्ठीवाड़ा के खेड़ा से धार जिले के बलवारी तक मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन के द्वारा स्टेट हाईवे नंबर 00 का निर्माण किया जा रहा है । उपरोक्त रोड को मंजूर करने के लिए एमपीआरडीसी द्वारा जो सर्वे कराया गया था उस हवाई सर्वे रिपोर्ट को बिना स्थल निरीक्षण व जांचे एमपीआरडीसी की टीम ने सरकार से मंजूर करवा लिया। अब जब यह रोड ग्राम बोरी के अंदर से निकल रहा है तो इसकी संगतिया ग्रामीणों को भारी पड़ रही है।

एपीआरडीसी ने रोड मंजूरी के लिए जो सर्वे रिपोर्ट जारी की थी उसमें ग्राम बोरी में हायर सेकेंडरी स्कूल, शासकीय हॉस्पिटल, पुलिस थाना एवं कोई भी पक्का मकान नहीं होने का दावा किया था लेकिन आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि जिस पुलिस थाने को सर्वे रिपोर्ट में बोरी में नहीं होना बताया जा रहा है उसी पुलिस थाने के स्वामित्व को लेकर पिछले कई सालों से न्यायालय में  स्वयं मध्यप्रदेश शासन लड़ाई लड़ रहा है। जिस हायर सेकेंडरी स्कूल का ग्राम में नहीं होना दर्शाया गया है उसी हायर सेकेंडरी स्कूल को डिस्मेंटल करके नवीन हायर सेकेंडरी भवन 377 लाख रुपए का मध्य प्रदेश शासन ने मंजूर किया है। जिस शासकीय अस्पताल को ग्राम में नहीं होना बताया जा रहा है उसी शासकीय अस्पताल के एमबीबीएस डॉक्टर को पिछले कई वर्षों से अलीराजपुर जिला प्रशासन सर्वश्रेष्ठ डॉक्टर का अवार्ड दे रहा है। जिन पक्के मकानों का बोरी में नहीं होना बताया गया है उन्हीं मकानों को एमपीआईडीसी तोड़ने का नोटिस दे रहा है।

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