जीवनलाल राठौड़, पेटलावद तहसील कार्यालय के सामने स्थित एटीएम से इन दिनों गले-फटे नोट निकल रहे है जिससे आम उपभोक्ताओं की परेशानी दोगुनी कर दी है। शुक्रवार को दशहरा का त्योहार है और ऐसे में कई लोग एटीएम पहुंचे और रुपयों की जरूरत होने के बाद उन्हें फटे हुए नोट मशीन ने दिए जिसमें 200-200 रुपये के 5 नोट फटे हुए निकले जो बाजार में किसी प्रकार भी नही चल सकते। एक अन्य उपभोक्ता को 100 वाले फटे पुराने नोट मिले जो बाजार में नहीं चल पा रहे हैं। इन सबसे यह प्रतीत हो रहा है बैंक आखिर क्यों फटे पुराने नोट डाल रही है, यह कहीं कमशीनखोरी का धंधा तो नहीं….? एटीएम धारकों का कहना है कि एटीएम निजी कंपनी के हाथ में है और पुराने-फटे नोटों को लेकर जान बूझकर एटीएम में डाल रही है इसके पीछे उसका फायदा है क्योंकि शायद एटीएम निजी कंपनी कमीशन के फेर में हैं और उसे कटे-फटे नोट बाजार में चलाने के लिए एटीएम एक अच्छा स्त्रोत के रूप में कार्य कर रहा है। Post navigation मतदान जागरुकता अभियान में ग्रामीणों को मतदान करने के बताए फायदे आबकारी विभाग की मतदान के लिए अनूठी पहल, शराब की बॉटलों पर लिखा ‘हम सब मतदान करने चलें मतदान के लिए बटन दबाए’