जितेंद्र वर्मा, जोबट बारिश के बीच बकरियों के बच्चों को बचाने की कोशिश में दो महिलाएं नाले के तेज बहाव में फंस गईं। घटना जोबट तहसील की ग्राम पंचायत उबलड़ के दोहे फलिया की है। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए एक महिला को काफी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर सामने आया। जानकारी के मुताबिक, दोहे फलिया निवासी सहाबाई पति भेरू (40) और जमकू पति दरियाव सिंह (43) बकरियां चराने के बाद घर लौट रही थीं। गांव के समीप नाला पार करते समय उनकी कुछ बकरियों के बच्चे पानी में फंस गए। उन्हें बचाने के लिए दोनों महिलाएं बहते पानी में उतर गईं। इसी दौरान पानी का बहाव तेज हो गया और महिलाओं के लिए किनारे तक पहुंचना मुश्किल हो गया। https://jhabualive.com/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Video-2026-09-15-at-12.42.40-PM.mp4 एक महिला किसी तरह नाले से बाहर निकलने में सफल रही, लेकिन दूसरी महिला पानी के बीच फंस गई। उसे परेशानी में देख आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने मिलकर महिला को बाहर निकालने का प्रयास किया। काफी प्रयास के बाद उसे सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया गया। बकरियों के बच्चों को भी बचा लिया गया। वीडियो में दिखाई दी ग्रामीणों की मशक्कत घटना के दौरान मौजूद किसी ग्रामीण ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। मंगलवार को वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें तेज बहाव के बीच फंसी महिला को बाहर निकालने के लिए ग्रामीणों की कोशिश नजर आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में घटना की चर्चा होने लगी। एक हजार से अधिक ग्रामीणों के आवागमन का रास्ता ग्रामीणों का कहना है कि नाले के दूसरी ओर करीब एक हजार से अधिक लोग रहते हैं। रोजमर्रा के कामों के लिए ग्रामीणों को इसी रास्ते से आना-जाना पड़ता है। बारिश के दिनों में नाले का जलस्तर बढ़ने से आवागमन जोखिम भरा हो जाता है। ग्रामीण लंबे समय से यहां पक्के पुल की मांग कर रहे हैं। ग्राम पंचायत उबलड़ के सरपंच लक्ष्मण डावर ने फोन पर बताया कि नाले पर पुलिया निर्माण के लिए ग्रामीण कई बार मांग कर चुके हैं। उन्होंने भी संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य नहीं हुआ है। सरपंच के अनुसार, बारिश के दौरान तेज बहाव के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नाले पर जल्द पक्का पुल बनाया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके और भविष्य में किसी बड़े हादसे की स्थिति न बने। Post navigation माटी की गणेश प्रतिमा बनाने का दिया प्रशिक्षण, विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश शासकीय भूमि पर अवैध खनन, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की कार्रवाई की मांग