सलमान शैख़@ झाबुआ Live पर्यावरण संरक्षण को लेकर इस बार फिर से बारिश शुरू होते ही झाबुआ जिले के पेटलावद में ग्रीन पेटलावद मिशन शुरू होने जा रहा है, इस बार पिछले वर्ष के मुकाबले कुछ नया होगा। इसके लिए टीम ग्रीन पेटलावद सक्रिय हो गई है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग का एक प्रत्यक्ष उदाहरण पेटलावद में ग्रीन पेटलावद टीम ने दिया था, जिसकी चौतरफा चर्चाएं और तारीफ हुई। वाट्सऐप पर बने इस ग्रुप में पौधे लाना, उसे सही स्थान देना फिर लगाने से लेकर उसकी देखरेख के लिए संकल्प दिलाना सबकुछ सोशल मीडिया के माध्यम से किया गया और अब एक बार फिर से 2 दिनों से ग्रीन पेटलावद मिशन की टीम एक्टिव हो गई है, सोशल मीडिया पर बजट से लेकर कैसे पौधे लगाना इसकी चर्चा हो रही है। ग्रीन पेटलावद मिशन शुरू करने वाले अनिल चौधरी बताते है कि इस संस्था को बनाने की शुरुवात कुछ लोगों से हुई थी आज देखादेखी हम सैकड़ों की संख्या में हो गये हैं, जो पौधे लगाता है उसकी देखरेख करना उसी की जिम्मेदारी होती है। इस बार हम नए पौधे तो लगाएंगे ही, इसके साथ ही जो पौधे पिछले वर्ष लगाए थे उन्हें बारिश या तेज हवाओ से नुकसान न हो इसके लिए भरचक प्रयास किये जायेंगे। आपको बता दे कि कोरोना काल से पहले और कोरोना के खत्म होने के बाद एक बार फिर पर्यावरण ही दुनिया की सबसे बड़ी समस्या होगी। कोरोना के मुकाबले ये आज भी हर दिन ज्यादा जिंदगियां लील रही है। इस समस्या से निपटने के लिए हम सबको पर्यावरण का प्रहरी बनना होगा। अधिक से अधिक पौधे लगाकर ही जहरीली हो रही हवा की सफाई की जा सकती है। ग्रीन पेटलावद टीम ने एक साल में करीब 5 हजार से अधिक पौधे लगाए हैं। इस बार इस अभियान का दोहरा मकसद है, एक तो पेटलावद को एक अलग पहचान दिलाना और दूसरा पर्यावरण के गंभीर संकट से लड़ने के लिए पेड़ों को औजार बनाना। Post navigation फ्री में ले सकते हैं Aadhaar केंद्र की फ्रेंचाइजी, हर महीने होगी बढ़िया कमाई झाबुआवासियो के लिए फिर बुरी खबर; 1 व्यक्ति की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव; 26 की रिपोर्ट आई नेगेटिव ..