मयंक विश्वकर्मा@आम्बुआ कोरोनावायरस के कारण क्षेत्र में लागू लॉक डाउन की सख्ती के कारण अनेक रोजमर्रा की कई सामग्रीयो की आपूर्ति नहीं हो पा रही है जिस कारण अनेक सामानों के साथ ही “स्लोपाइजन” भी मंगा हुआ। जैसा की विदित है कि विश्व स्तर पर जानलेवा कोरोनावायरस के फेल जाने के कारण भारत भी इससे अछूता नहीं रहा है यहां भी बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हुए हैं कुछ ठीक हो रहे हैं ।मगर कहीं अपनी जान गवा चुके हैं अभी इसकी कोई दवा नहीं बनी है ।केवल सावधानी ही बचाव का तरीका माना जा रहा है। इसी बचाव अस्त्र के लिए संपूर्ण देश के साथ ही मध्यप्रदेश में भी लाॅक डाउन किया गया जिस कारण आवागमन बंद होने से अनेक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हुई है लगभग सभी तरह की रोजमर्रा की सामग्री वाहन से नहीं आ पा रही है। इन्हीं में क्षेत्र में प्रमुखता के साथ खाए जाने वाले स्लोपाइजन कहे जाने वाले पान, गुटखा, तंबाकू, सिगरेट, बीड़ी आदि की आपूर्ति नहीं होने से इनके भाव आसमान पर चढ़ गए हैं। बताया जा रहा है कि पान मसाला तंबाकू सहित इसका एक पैकेट 120-25 में मिल रहा था तथा उसकी खेरची बिक्री ₹5 की थी स्थिति यह है कि एक पैकेट ₹200 के पार होकर खेरची बिक्री 8 से ₹10 पाउच हो गया है। इसके खाने के शौकीन या तो कहें कि इसकेे खाने के आदी हो चुके लोग इस महंगे स्लोपाइजन को भी ढूंढ कर खाने को मजबूर है ।इसी के साथ-साथ बीड़ी सिगरेट आदि जो कि इनकी स्लोपाइजन ही कहा जाता है भी महंगे होने के समाचार है। Post navigation लॉकडाउन के दौरान बोहरा समाज महिला की हार्ट अटैक से मौत ग्राम की सीमाएं कल से पूर्ण रूप से रहेगी सील, व्यापारियों को इन निर्देशों का करना होगा पालन नहीं तो होगी दंडात्मक कार्रवाई