प्रदेश में स्वाईन फ्लू के प्रकरण प्रकाश में आ रहे है। इस हेतु प्रदेश के स्कूलो एवं कालेजों में पढने वाले विद्यार्थियों को स्वाईन फ्लू के लक्षण यथा सर्दी,खासी, बुखार, सर दर्द, बदन दर्द आदि होने पर ऐसे बच्चों को कक्षा में शिक्षक द्वारा तुरन्त चिन्हित किया जावें एवं उन्हें चिकित्सक की सलाह उपरान्त घर पर 5 दिवस विश्राम के लिये सलाह दी जावे। ऐसे विद्यार्थियों से मेडिकल सर्टिफिकेट की मांग न की जावे। फरवरी मार्च माह में विद्यार्थियों की परीक्षा भी संपन्न होती है। यदि ऐसे विद्यार्थी परीक्षा के लिये आते है तो उन्हें पृथक से बैठने की व्यवस्था की जावे। स्कूल व कालेजो में पढनें वाले विद्यार्थियों को स्वाईन फ्लू से रोकथाम के उपायों के बारे में भी अवगत कराया जावे। विद्यार्थियों को बचाव के लिए बताया जाये कि सर्दी खांसी होने पर रूमाल/टिसू पेपर का इस्तेमाल करे, एवं उपयोग के पश्चात टिसू पेपर को डस्ट बिन में ही डाले। ऑख, नाक व मुँह को छूने के पूर्व हाथो को अच्छी तरह से साबुन से धो लेवे। भीड-भाड वाले स्थानो पर अनावश्यक जाने से बचे। यदि बच्चों को सर्दी खासी बुखार हो तो उन्हें स्कूल/कालेज न भेजे। हाथ मिलाने से बचे। संभावित रोगी पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थो का उपयोग करे। सादा भोजन एवं अच्छी नींद लेवे। तनाव से बचे। स्वाइन फ्लू से घबराने की आवश्यकता नहीं है। सावधानी में ही बचाव है। उपरोक्त निर्देश जिले के जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी किये गये है। अपने जिले की अधीनस्थ संस्थाओं को अवगत करा सके। Post navigation पांचवें चरण के स्नेह शिविर संपन्न रामा के मतदान केन्द्र 68 पर 24 फरवरी को पुनः मतदान होगा