झाबुआ डेस्क। सोमवार को पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल को आदिवासी समाज संगठन के सदस्यों ने जिले में व्याप्त कुरूतियों को दूर करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। संगठन के शरमा भूरिया ने बताया कि दीपावली पर्व अब समाप्त हो चुका है। आदिवासी बाहुल जिले में अब वैवाहिक कार्यक्रमों की शुरूआत हो जाएगी। वैवाहिक कार्यक्रमों के साथ-साथ नौतरा-ममेरा व अन्य कार्यक्रम आयोजित होंगे। इन कार्यक्रमों में रातभर तेज अावाज में डीजे बजाए जाते है जिससे ध्वनि प्रदूषण होता है। आम लोगों को इससे परेशान होना पड़ता हैं। समाज में नाबालिग लड़की के वैवाहिक कार्यक्रम भी कर दिए जाते है। वैवाहिक कार्यक्रमों में आठ से 10 लाख रुपये लड़की के पिता द्वारा दहेज लिया जाता है, जो कि गलत है। वैवाहिक कार्यक्रमों में भांजगड़ी करने वाले लोग भी अपना कमिशन वसूलते है। इसका सीधा असर लड़की व लड़के के स्वजनों पर पड़ता है। कर्ज होने के कारण ग्रामीणों को पलायन करना पड़ता है। ऐसी कुप्रथा को तत्काल बंद होना चाहिए। इस दौरान श्यामा ताहेड़, छीतूसिंह मेड़ा, बहादूर हटीला, वर्मा कटारा, सुमेरसिंह बबेरिया आदि उपस्थित थे। Post navigation राणापुर थाना प्रभारी लाइन अटैच, पढ़िए किसे भेजा उनकी जगह विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में DAVV के नाम प्राचार्य को ज्ञापन दिया