बुरहान बंगड़वाला, झाबुआ आदिवासी समाज का प्रसिद्ध बाबादेव स्थल एवं आस्था का केंद्र समोई डूंगर बाबादेव रानापुर में रविवार को आदिवासी समाज के विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यक्रताओं ने जन सहयोग से विशेष क्वालिटी के छायादार पौधे रोपे। जिसमें बरगद, पीपल, पोम, अशोका, गुलमोहर एवं बादाम के सात से आठ फिट लम्बाई के बड़े पौधे लगाये गये हैं। झाबुआ आकास जिला अध्यक्ष दरियाव सिंह राठौड़ ने बताया कि आदिवासी समाज के विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पौधा रोपन का कार्य किया गया हैं। विशेष क्वालिटी के छायादार पौधे विशाखापटन (आंध्रप्रदेश) से लाकर देश एवं प्रदेश के आदिवासी समाज के आस्था के केंद्र दैवीय एवं बाबादेव स्थलों पर बड़े स्तर पर जनसहयोग से लगाए जा रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता एवं झाबुआ आकास संगठन के मगनसिंह बघेल ने कहा कि हमारे आदिवासी समाज के इष्ट देव पर सदैव छाया बनी रहे और पूरे परिसर में हरियाली की चादर छाई रहे। इसी उद्देश्य को लेकर प्रकृति की सुंदरता, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति के संतुलन को बनाये रखने के लिए पौधारोपन का कार्य किया गया है। ज्ञात हो कि विगत कुछ दिनों पहले ही आदिवासी समाज के सामाजिक कार्यकर्ताओं के द्वारा बाबादेव स्थल के चारों ओर फैली गंदगी को देखते हुए सफाई अभियान चलाया गया था और सभी स्थानीय दुकानदारों को स्वच्छता बनाये रखने हेतु निवेदन किया गया था। अब प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधा रोपण किया गया है। इस अवसर पर स्थानीय ग्राम पंचायत के नव निर्वाचित सरपंच मानसिंह हटिला, पंचायत सचिव नारायणसिंह बामनिया, डॉ0 निलेश कटारा, आदिवसी एकता परिषद के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष केरमसिंह जमरा, आदिवासी कर्मचारी-अधिकारी संगठन (आकास) अलीराजपुर के जिला अध्यक्ष भंगुसिंह तोमर, अजाक्स जिला अलीराजपुर उपाध्यक्ष रतनसिंह रावत, अलीराजपुर जयस जिला अध्यक्ष विक्रमसिंह चौहान,उपाध्यक्ष अरविंद कनेश, ग्राम पंचायत टेमाची के सरपंच इंजीनियर नानसिंह कनेश, सुनील डुडवे, मुकेश अजनार, रमेश डावर, हिम्मत अजनार, दीपक जमरा, अर्जुन सिंगाड, अश्विन अजनार विक्रमसिंह बामनिया, गिलदारी भाई,बापू अजनार, दीवान बघेल, परवीन अजनार,आदि उपस्थित रहे। Post navigation अनबाई राकेश डामोर बनी सरपंच, करीब 720 मतों से विजय हुई आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान वांजिया डूंगर पर 1600 सीड बाल लगाए गए