जितेंद्र राठौड़, झकनावदा स्थानीय राज राजेंद्र विद्या मंदिर पर स्कूली बच्चों द्वारा पर्यावरण संरक्षण को लेकर मिट्टी, अनाज, आटे, पीपल के पत्ते से लेकर अनेक प्रकार के गणेश जी की मूर्तियां बनाई गई। इन आकर्षक मूर्तियों को नन्हे नन्हे बच्चों ने खुद बनाई।दरअसल मिट्टी की प्रतिमा पर्यावरण हितैषी होती है। यह जल में घुलनशील होगी। इससे पानी के जीव-जंतुओं को भी नुकसान नहीं पहुंचता। वहीं प्लास्टर ऑफ पेरिस की प्रतिमा जब जलाशयों में विसर्जित की जाती है तो इससे पानी प्रदूषित होता है।जी हां, जैसे भगवान गणेश विघ्नों को हर लेते हैं, उसी तरह लोगों ने नदी, तालाबों के पानी को प्रदूषण से बचाने का बीड़ा उठाया है। लोग मिट्टी की गणेश प्रतिमा विराजमान करने और उनका घरों में ही विसर्जन करने का संकल्प ले रहे हैं।पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया बच्चों को प्रेरित करने में स्कूल टीचर हर्षिता वैरागी, राहुल चौयल, विनायक वैरागी, अंतिम राठौड़, श्वेता राठौड़, किरण गहलोत, गरिमा वैरागी आदि का सराहनीय सहयोग रहा। ) Post navigation अचानक भरभरा कर मकान हुआ जमींदोज आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने ग्राम में पोषण महोत्सव रैली निकाली