भूपेंद्र चौहान, चंद्रशेखर आजाद नगर आंगनवाड़ी सहायिका के पद पर चयन को लेकर बड़ा भावटा निवासी उर्मिला ने महिला बाल विकास विभाग के दो कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उर्मिला का कहना है कि चयन प्रक्रिया में उनका नाम प्रथम स्थान पर आया था। गांव स्तर पर दर्ज आपत्तियों का भी निराकरण हो चुका है, इसके बावजूद उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं दिया जा रहा है। उर्मिला ने आरोप लगाया कि विभाग के दो बाबू, कृष्ण पाल और रियाज के द्वारा उनसे 40 से 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई। उनका कहना है और बाबू कहते हैं कि रोज ऑफिस पर पैसे के लिए बुलाते हैं और पैसे की मांग करते हैं कि वे आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से हैं और इतनी बड़ी राशि देने में असमर्थ हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके बाद सूची में आने वाले अन्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो चुकी है। इस मामले में संबंधित कर्मचारियों से चर्चा करने पर उनका कहना है कि उर्मिला का विवाह अन्य स्थान पर हो चुका है, जिसके कारण नियुक्ति प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है और इसी वजह से नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं के लिए सरकारी रोजगार उम्मीद का साधन होता है। ऐसे में रिश्वत मांगने जैसे आरोप विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले की जांच कर क्या कार्रवाई करता है। Post navigation शहीद चंद्रशेखर आजाद की समाधि स्थल पर अखंड दीपज्योति, राष्ट्रीय अधिवेशन होगा भाजपा के नवनियुक्त मंडल अध्यक्षों का स्वागत, मुख्यमंत्री आगमन की तैयारियों पर चर्चा