मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ हिंदुस्तान की एकता अखंडता का इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है कि हजारों किलोमीटर दूर बैठे देश के नागरिक अपने जांबाज सैनिकों के साथ खड़े दिखाई देते हैं हमारी सेना का परम साहसी विंग कमांडर अभिनंदन दुश्मन मुल्क को आंखें दिखा कर जब वापस वतन लौटा तो भले ही लोग बाघा सीमा तक ना जा सके हो मगर दिन भर टीवी से चिपके रहे तथा देर शाम जैसे ही मीडिया के माध्यम से उनकी एक झलक दिखी अपार हर्ष के साथ दिवाली होली दोनों मना ली गई। गौरतलब है कि हमारी भारतीय सेना का जांबाज पायलट जो कि पाकिस्तानी सेना के हवाई जहाजों को खदेड़ता हुआ, आसमान में उनके एक विमान को नष्ट करते करते दुर्घटना के कारण दुश्मन देश की सीमा में जा पहुंचा विंग कमांडर अभिनंदन को वापस भारत लेने के लिए सरकार की कूटनीति काम आई और पाकिस्तान ने सकुशल भारत को सौंप दिया। देश के हृदय स्थल कहे जाने वाले मध्य प्रदेश की अंतिम सीमा पर बने बसे अलीराजपुर जिले की जोबट विधानसभा के छोटे से कस्बे में जश्न का माहौल तब बन गया, जब टीवी पर जांबाज सैनिक की एक झलक देखने को मिली यहां के नौजवानों ने एक जुलूस निकाला तथा भारत माता की जय, अभिनंदन जिंदाबाद-पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए जमकर आतिशबाजी की कुछ स्थानों पर गुलाल उड़ाकर होली तथा आतिशबाजी कर दीपावली जैसा माहौल बनाया गया सभी नागरिकों ने धर्म राजनीति से ऊपर उठकर सेना और सरकार के साथ खड़े रहने का संकल्प लिया। ) Post navigation अनुपयोगी पड़ा है ई-पंचायत कक्ष हजारों खर्च के बावजूद उपयोग नहीं किसान सुल्तान खत्री का हुआ कर्ज माफ