आलीराजपुर। पुलिस अधीक्षक अलीराजपुर राजेश व्यास की अध्यक्षता में 30 मार्च 2025 को पुलिस नियंत्रण कक्ष, अलीराजपुर में अनुभाग जोबट के थाना प्रभारियों की अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य लंबित प्रकरणों के निराकरण में आ रही समस्याओं की समीक्षा करना, माइक्रो बीट सिस्टम एवं ई-साक्ष्य एप के प्रभावी संचालन का आकलन करना और अपराध नियंत्रण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना था। इस महत्वपूर्ण बैठक में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) जोबट श्री नीरज नामदेव सहित थाना प्रभारी जोबट, आजादनगर, उदयगढ़, बोरी, नानपुर एवं आंबुआ उपस्थित रहे। बैठक के प्रमुख बिंदु और निर्देश: लंबित प्रकरणों की समीक्षा एवं त्वरित निराकरण- बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री राजेश व्यास ने अनुभाग जोबट के सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वर्ष 2025 से पूर्व के सभी लंबित अपराध, चालान एवं मर्ग मामलों का जल्द से जल्द निराकरण सुनिश्चित करें। यदि किसी प्रकरण के निराकरण में कोई व्यावहारिक कठिनाई आ रही हो, तो संबंधित अधिकारियों को अवगत कराते हुए त्वरित समाधान निकाला जाए। निगरानी बदमाशों की सूची अपडेट करने के निर्देश- पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि सक्रिय गुंडे एवं निगरानी बदमाशों की सूची को नियमित रूप से अपडेट किया जाए ताकि अपराध नियंत्रण की रणनीति को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ऐसे अपराधी जिनके खिलाफ पूर्व में दो या अधिक अपराध दर्ज हो चुके हैं और जो वर्तमान में भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हैं, उनके विरुद्ध प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रतिबंधात्मक धाराओं में अंतिम बाउंड ओवर कराया जाए। प्री-एमएलसी रजिस्टर का भौतिक सत्यापन- बैठक के दौरान प्री-एमएलसी (मेडिको-लीगल केस) रजिस्टर का भौतिक सत्यापन भी किया गया और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी मामलों की समुचित प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए। जब्तशुदा शराब के नष्टिकरण के निर्देश- थानों में जब्तशुदा शराब की मात्रा की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया गया कि जिन मामलों में न्यायालय द्वारा निस्तारण हो चुका है, उन मामलों में जब्तशुदा शराब को नियमानुसार शीघ्र नष्ट किया जाए। वारंट तामिली की समीक्षा- बैठक में वारंट तामिली की स्थिति की समीक्षा की गई और सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि लंबित वारंटों की शीघ्र तामिली कराई जाए, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। ई-साक्ष्य एप के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर- बैठक में ई-साक्ष्य एप के माध्यम से जप्ती और गिरफ्तारी की कार्यवाही को अद्यतन करने की प्रक्रिया पर चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि इस एप का अधिकतम उपयोग किया जाए ताकि केस डायरी, डिजिटल साक्ष्य और अन्य आवश्यक रिकॉर्ड को प्रभावी रूप से संधारित किया जा सके। पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास ने बताया कि दिनांक 30 मार्च को जोबट अनुभाग के थानों की अपराध समीक्षा बैठक में सभी थाना प्रभारियों को थाना क्षेत्रों में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने, असामाजिक तत्वों के विरूद्ध ठोस कार्यवाही करते हुये प्रतिबंधात्मक धाराओं में बाउण्ड औव्हर की कार्यवाही करने एवं अपराध नियंत्रण के लिए असूचना संकलन/बीट सिस्टम को सक्रिय रखने तथा लंबित प्रकरणों शीघ्र निराकरण हेतु निर्देशित किया गया है। Post navigation नव वर्ष हिंदू समाज के लिए एक शुभ संदेश लेकर आता है : राजेंद्र टवली गुजरात के बनासकांठा के नजदीक डीसा में मध्य प्रदेश के 21 मजदूरों की मौत