झाबुआ लाइव डेस्क- अनास नदी पर 2016 में बैराज निर्माण का कार्य शुरू हुआ था। बामन सेमलिया व बड़ा सेमलिया के बीच 56 करोड़ की लागत से शुरू हुआ जिसके तहत 34 करोड़ बांध निर्माण व 16 करोड़ झाबुआ नगर को पानी सप्लाई के लिए था। इस बांध के बनने से 6 ग्राम पंचायत के ग्रामीण क्षेत्र डूब की जद में हैं । वहीं इस निर्माण कार्य को 4 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन अभी तक क्षेत्र के ग्रामीणों को मुआवजा नहीं दिया गया है, इसका मुआवजा 270 करोड़ रुपए हैं। वर्तमान में अनाज डेम आधा पानी से भर चुका है एवं इसमें किसानों की कृषि भूमि भी और डूब में जाएगी। वहीं ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि इस जल्द से जल्द इस स्थान का सर्वे करवाकर किसानों, ग्रामीणों को मुआवजा दिया जाए। इसी के साथ जल्द से जल्द किसानों के परिवारों के हक व अधिकार सुनिश्चित किया जाए तथा भूमि बंदोबस्त जमाबंदी कर भूमि के पट्टे अथवा मालिकाना हक प्रधान किया जाए ताकि वे पुनस्र्थापन व मुआवजे का लाभ से वंचित नहीं रहे। वहीं हिंदू युवा जनजाति संगठन ने चेतावनी देते हुए कहा कि 15 दिन के भीतर ग्रामीणों को मुआवजा नहीं दिया गया तो वे किसानों के समर्थन में धरना प्रदर्शन करेंगे जिसकी समस्त जवाबदारी प्रशासन की रहेगी। Post navigation अब पूर्व आम्बुआ थाना प्रभारी हुए कोरोना संक्रमित कोरोना ने अब तक सोण्ङवा मे कितने को लिए अपनी चपेट मे तो कितने हराकर आये कोरोना को कितने, देखीये इस खबर मे