बुरहान बंगड़वाला, खरडू बड़ी अधिकांश शिक्षक जहाँ से उन्होंने शिक्षा प्राप्त की है उसी स्कूलों में पदस्थ होकर अपनी सेवा बच्चों को पढ़ाने में प्रदान करते है।जिसके बाद वही शिक्षक उसी स्कूल से विदाई लेते है। ऐसा ही एक वाक्या रामा विकासखंड के गांव खरडू बड़ी की स्कूल में देखने को मिला यहाँ पर शिक्षक कैलाशचंद्र पाटीदार जिन्होंने अपनी शिक्षा पहली से लगा कर आठवी तक गांव की शासकीय स्कूल में अध्ययन किया जिसके बाद उन्होंने आगे की शिक्षा पारा से प्राप्त कर शिक्षक के पद पर नियुक्त हुए जिस स्कूल से उन्होंने शिक्षा प्राप्त की वहीं पर पदस्थ होकर करीब 37वर्ष तक प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को अपनी सेवा देते रहे। जिसके बाद दिनांक 28 अप्रैल को खरडू बड़ी के संकुल के समस्त स्टॉफगण ने मिलकर कैलाश चंद्र पाटीदार को सेवानिवृत्त होने पर स्कूल परिसर में एक प्रोग्राम रखकर उन्हें भावुक होकर बधाई दी और उनके जीवन मे सुख समृद्धि की कामना की।जिसके बाद समस्त संकुल के स्टॉफगण ने मिलकर सेवानिवृत्त कैलाशचंद्र पाटीदार को स्कूल परिसर से धूमधाम के साथ गांव में जुलूस निकाल कर घर मे प्रवेश कराया।इस कार्यक्रम में संकुल प्राचार्य शंकर दयाल सिरोठिया, प्रभारी प्राचार्य जगदीश चंद्र सोलंकी, संकुल प्रभारी शंकर सिंह राठौड़, संस्था प्रभारी दिनेश टांक, दर्यावसिंह राठौर एवं समस्त संकुल के स्टॉफगण उपस्थित रहे। सेवानिवृत्त शिक्षक कैलाश चंद्र पाटीदार ने अपने विचार रखते हुए कहाँ की मेरे 37 वर्ष के कार्यकाल में मैने स्कूल के बच्चों को अपने बच्चों जैसा माना और उन्हें अच्छी शिक्षा प्रदान की है। इसी के साथ अपने समस्त संकुल के स्टॉफगण को कहाँ की आप भी स्कूल के बच्चों को अपने बच्चों जैसा मानकर पढ़ाई करावे क्योकि बच्चें है तो हम है यदि बच्चें नहीं होते तो हमको शिक्षक कौन मानता इसलिए बच्चों को अच्छे से पढ़ावे ताकि आगे चलकर बच्चें भी अपना भविष्य अच्छा बना सके। Post navigation 171 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न, पंडाल में गूंजे गायत्री मंत्र स्थाई फरार आरोपी को पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार किया