मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ

होलिका दहन के बाद धुलैण्डी और उसके बाद रंग पंचमी पर रंग खेलने की परंपरा जोकि विगत वर्ष कोरोना में रुक गई थी इस वर्ष पुनः रफ्तार पकड़ती नजर आई सनातन हिंदू सर्व समाज मंच की पहल पर कस्बे में डीजे की धुन पर नाचते युवाओं ने सतरंगी छटा बिखेरी तथा जमकर रंग खेला महिला मंडल भी पीछे नहीं रहे उन्होंने भी टोली बनाकर रंग खेला।

         “रंग बरसे भीगे चुनरवाली” गीत बजे और सुनने वालों के पांव न चले ऐसा हो ही नहीं सकता आज रंगों की मस्ती का त्यौहार होली के पांचवे दिन आम्बुआ में सनातन हिंदू सर्व समाज मंच के आह्वान पर एक लंबे अंतराल के बाद कस्बे की गलियों में रंग गुलाल उड़ता नजर आया डीजे की धुन पर छोटे बड़े सभी मस्ती में झूमते नजर आए पंचायत प्रांगण में स्वल्पाहार कर मस्ती में झूमती टोलियां जब गांव में घूमी तो नजारा सतरंगी हो गया नाचते गाते युवाओं की मस्ती भरी रंगों से सराबोर टोलियां आम्बुआ से होकर समीप ग्राम बोरझाड़ तक गई तथा वहां भी सभी को रंगों से तरबतर कर वापस आम्बुआ आए जहां घंटों तक नाच गाते तथा रंगों की फुहारो के बाद कार्यक्रम का समापन किया सनातन सर्व समाज मंच के आह्वान पर लगभग संपूर्ण प्रतिष्ठान कुछ समय के लिए बंद रखे गए रंगों की मस्ती में महिला समूह भी पीछे नहीं रही उन्होंने भी कस्बे में जमकर रंग खेला विगत वर्ष कोरोना के कारण रंग नहीं खेल पाने की कसर इस बार सभी ने पूरी कर ली।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *