आलीराजपुर। आलीराजपुर जिले के मिनी काश्मीर कहे जाने वाले कटठीवाडा ब्लाक मे सालो से चल रहे राजेन्द्र आश्रम मे डेढ माह मे दो बच्चीयो ने अपनी जीवन लिला समाप्त कर ली। लेकिन इन बच्चीयो ने ऐसा क्यो किया ये अभी तक किसी के गले नही उतर रहा है क्योकि जो बच्चीया ऐसा कर रही है वो आदिवासी समाज से आती है। पिछले डेढ माह पहले इसी राजेन्द्र आश्रम मे एक 13 साल की बच्ची की लाश पास के कूए से बरामद हूई थी वो भी आत्म हत्या से जूडा मामला था और कल 5 वी कक्षा मे पढने वाली 10 साल की बच्ची ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। भील सेना संगठन संस्थापक शंकर बामनिया ने इस आश्रम मे हो रही बच्चीयो की आत्महत्या को लेकर चिंता जताई ओर जिला प्रशासन से इस आश्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। बामनिया ने कहा की डेढ़ महीने में ये दूसरी घटना है,ये साधारण नहीं हो सकता,आत्महत्या जैसा दिखाई भी नहीं देता, भला 5वी पढने वाली बालिका आत्महत्या का सोचेगी क्यो। सोचेगी तो भी वो स्वयं इतनी बड़ी नही थी की ऊपर वेंटिलेशन पर चढ़कर आरामसे दुपट्टा बाँधकर स्वयं लटक जाए।आत्महत्या जैसा कोई ठोस कारण वजह भी नहीं है। आश्रम प्रबंधक पर सैकड़ो सवालों के बीच ये मासूम बालिका ने दम तोड़ दिया कमरे में रहने वाली सारी बालिकाएं कमरा छोड़कर डरकर घर चले गयी,जिनके पृथक पृथक बयान बहुत अहम साबित हो सकते है। आदिवासी बाहुल्य जिले में 90% सबंधित हॉस्टल आश्रम संचालक आदिवासी है बावजूद उनके बच्चे ईस तरह की घटनाओ का शिकार होना आम बात नहीं हो सकती..निश्चित ही इसके पीछे बड़ी वजह सामने आसकती है। यदि PM रिपोर्ट ईमानदारी से और जांच अधिकारी सही जांच करें तो।और दोषियों पर सख्ती से कार्यवाही होना ही चाहिए ताकी भविष्य में छात्रावास पर बच्चों पालको का भरोसा बना रहे वही इस मामले को लेकर भील सेना संगठन के संस्थापक शंकर बामनिया ने जिला कलेक्टर से फोन पर चर्चा कर पूरी घटना से अवगत कराया ओर कहा के इस तरह की घटना आखिर क्यो हो रही है आश्रम मे पढने वाली छोटी छोटी बच्चीया ऐसा कदम क्यो उठा रही है इसकी निष्पक्ष जांच होना चाहिए कही ना कही आश्रम प्रबंधन की लापरवाही इसमे लग रही है इसपर जिला कलेक्टर ने आश्वासन देते हुए कहा है की मे खूद इस मामले को लेकर चिंता मे हू की आखिर छोटी बच्चीया इस तरह से आत्म हत्या क्यो कर रही है पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी जो भी दोषी होगा प्रशासन कार्यवाही भी करेगा वही भील सेना संगठन संस्थापक बामनिया ने कहा की अगर इस पूरे मामले की जांच सही तरीके से नही हूई तो पूरे आदिवासी समाज के साथ इस आश्रम का घेराव कर उग्र आन्दोलन किया जाएगा । Post navigation सोने के सिक्के कांड में आरोपी पुलिस कर्मियों की आज होगी शिनाख्त युवा नेता सुनील भयडिया सेवादल युवा बिग्रेड कांग्रेस जिलाध्यक्ष नियुक्त