बहन के प्रेम प्रसंग से नाराज कजिन भाईयों ने प्रेमी की निर्मम हत्या कर शव रेलवे स्टेशन के पास फेंका

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बामनिया। झाबुआ जिले के थाना पेटलावद पुलिस ने बामनिया रेलवे स्टेशन के समीप हुई एक अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए हत्या के दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। आरोपियों ने अपनी बहन के प्रेम संबंधों से नाराज होकर उसके प्रेमी की बेरहमी से हत्या कर दी थी तथा घटना को रेल दुर्घटना दर्शाने का प्रयास किया था।

दिनांक 24.05.2026 को थाना प्रभारी पेटलावद को सूचना प्राप्त हुई कि बामनिया रेलवे स्टेशन के बाहर सड़क किनारे एक युवक मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही थाना पेटलावद एवं चौकी बामनिया की पुलिस टीम मौके पर पहुंची तथा मर्ग क्रमांक 36/2026 कायम कर जांच प्रारंभ की गई। घटनास्थल एवं शव के निरीक्षण के दौरान मृतक की पीठ एवं कुल्हों पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए, जिससे मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ।

जांच में हत्या की आशंका होने पर पुलिस द्वारा अपराध क्रमांक 247/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक झाबुआ श्री देवेन्द्र पाटीदार द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। उनके निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रतिपाल सिंह महोबिया एवं एसडीओपी पेटलावद सुश्री अनुरक्ति साबनानी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक निर्भयसिंह भूरिया एवं चौकी प्रभारी उप निरीक्षक हीरालाल मालीवाड के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।

जांच में मृतक की पहचान सुकराम पिता नाहरसिंह निनामा (उम्र 20 वर्ष) निवासी पिपलीपाड़ा के रूप में हुई। तकनीकी साक्ष्यों, सूक्ष्म जांच एवं मृतक के परिजनों एवं परिचितों से गहन पूछताछ के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग प्राप्त हुए। 

जांच में सामने आया कि मृतक का ग्राम सातेर निवासी युवती से पिछले तीन माह से प्रेम संबंध था तथा दोनों मजदूरी के दौरान एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। दिनांक 23.05.2026 को सुकराम युवती से मिलने उसके घर गया था। इसकी जानकारी युवती के कजिन भाई देवीलाल सिंगाड एवं कालु सिंगाड को लग गई। दोनों इस संबंध से अत्यंत नाराज थे और उन्होंने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर सुकराम की हत्या की साजिश रच डाली।

योजना के तहत आरोपियों ने सुकराम की तलाश करते हुए उसे बामनिया रेलवे स्टेशन पर सोते हुए पाया। इसके बाद उसे जबरन पास के जंगल में ले जाया गया, जहां गमछे से उसके हाथ पेड़ से बांध दिए गए। आरोपियों ने लट्ठ एवं पत्थरों से उसकी पीठ और शरीर पर बेरहमी से प्रहार कर गंभीर चोटें पहुंचाईं, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

हत्या के बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से शव को अपनी मोटरसाइकिल पर रेलवे स्टेशन के पास लाकर फेंक दिया तथा घटना को रेल दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया।

दिनांक 29.05.2026 को मुखबिर से सूचना पर आरोपी देवीलाल पिता तेरसिंह सिंगाड उम्र 28 वर्ष निवासी ग्राम सातेर एवं कालु पिता शम्भु सिंगाड उम्र 33 वर्ष निवासी ग्राम सातेर को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या करना स्वीकार किया।

सराहनीय योगदान

इस अंधे कत्ल का सफलतापूर्वक खुलासा करने में निरीक्षक निर्भयसिंह भूरिया, उप निरीक्षक हीरालाल मालीवाड, प्रधान आरक्षक रविन्द्र अमलियार, आरक्षक राकेश डामोर, मनीष चारेल, दिनेश डोडियार, विजय सोलंकी, लालसिंह मुजाल्दे, राजेन्द्र परिहार, घनश्याम मालवीय, प्रकाश भगोरा, अमरसिंह मालीवाड, अनिल अमलियार एवं मोतीलाल एवं सायबर सेल टीम की विशेष भूमिका रही। 

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