जितेंद्र वर्मा, जोबट मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग अब आंदोलन का रूप लेती जा रही है। शनिवार को जोबट में अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए रैली निकाली और शासन के नाम ज्ञापन सौंपा। गायत्री मंदिर परिसर से शुरू हुई यह रैली नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंची। रैली के दौरान “शिक्षकों के सम्मान में, TET से मुक्त रखने” जैसे नारों से पूरा नगर गूंज उठा। एसडीएम कार्यालय में नायब तहसीलदार अनिल कुमार मनलोई को राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान रूमालसिंह मौर्य ने ज्ञापन का वाचन करते हुए शिक्षकों की समस्याओं को विस्तार से रखा। डेढ़ लाख शिक्षकों पर असर ज्ञापन में बताया गया कि आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय (02 मार्च 2026) एवं जनजातीय कार्य विभाग (26 मार्च 2026) के आदेशों से प्रदेश के करीब 1.5 लाख शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। शिक्षकों ने इन आदेशों को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। वक्ताओं ने रखी तीखी बात कार्यक्रम में लालसिंह डावर, अजयसिंह डावर, रमेश सोलंकी, अनिल (उपाध्यक्ष) और विनोद पटेल सहित कई शिक्षकों ने अपने विचार रखते हुए कहा कि वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षकों पर TET की अनिवार्यता थोपना अन्यायपूर्ण है। इससे शिक्षकों पर अनावश्यक मानसिक दबाव बढ़ रहा है। ये हैं प्रमुख मांगें लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों को TET से पूर्ण छूट सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अन्य वैधानिक लाभ सुनिश्चित करना राज्य सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करना केंद्र सरकार द्वारा अध्यादेश लाकर पुराने शिक्षकों को TET से मुक्त करना कार्यक्रम में महिला एवं पुरुष शिक्षक बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिससे आंदोलन की ताकत साफ नजर आई। अंत में थानसिंह भयडिया ने आभार व्यक्त किया। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। Post navigation कलम की शक्ति और सेवा के संकल्प का होगा समागम, कल प्रेस क्लब जोबट के द्वारा सजेगा ‘स्नेह मिलन एवं सम्मान समारोह’ का मंच जोबट के बॉक्सरों का दमदार प्रदर्शन, दक्ष भामदरे बने ‘बेस्ट बॉक्सर’