थांदला। जिले की प्रतिष्ठित वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सीमा शाहजी की श्रेष्ठ कविताओं का चयन मप्र साहित्य अकादमी ने प्रथम पांडुलिपि चयन योजना के अंतर्गत किया है। अब यह पांडुलिपि पुस्तकाकार रूप में आ चुकी है।

पुस्तक का प्रकाशन भोपाल के आइसेक्ट पब्लिकेशन ने किया है। दिल्ली में प्रतिवर्ष लगने वाले विश्व पुस्तक मेले में भी प्रकाशक स्टाल पर यह पुस्तक रखी जा रही है। लेखिका डॉ  शाहजी ने बताया कि , जीवन कभी एक मार्ग का राही नही होता ।रास्ते के सम और विषम बहाव के साथ वह चलता ही रहता है ।जीवन जब जब इस बहाव में था ,इन कविताओं ने भी जन्म लिया ।मुझे हंसाया भी ,रुलाया भी ।कभी  ये कविताएं पुष्प बनी तो कभी आंसू की छुपती बूंदे बनी ,पर रही हमेशा मेरे साथ  । कुल 61 कविताओं ने मेरी इन्ही भावनाओ के रूप में प्रथम पुस्तक की आकृति ले ली है ।शीघ्र ही इस पुस्तक का विमोचन प्रस्तावित है।

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