झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट-
किसान सशक्त होगा तो गांव सशक्त होगा तभी हमारा राष्ट्र सशक्त होगा। इसके लिए हमें विशेष रूप से किसानों को सशक्त बनाना होगा। हमारा किसान कभी गरीब नहीं था न कभी गरीब रहेगा। उसके पास जो मूल्यवान वस्तुएं उनका उपयोग करना उसे सिखाना होगा। यौगिक खेती के माध्यम से यही बात किसानों को बताई जाएगी। हमें किसान का नैतिक, आर्थिक,सामाजिक और आध्यात्मिक रूप से विकास कर उसे सशक्त बनाना है. उक्त बात राजयोगिनी ब्रम्हकुमारी सरला दीदी, अध्यक्षा कृषि एवं ग्राम विकास माउंटआबू ने पेटलावद में मंगलवार को आयोजित किसान सशक्तिकरण दिव्य महोत्सव में हजारों किसानों को संबोधित करते हुए कही। इस मौके पर उन्होंने कहा कि शाश्वत यौगिक खेती के माध्यम से किसान अपने शुद्ध भावों से खेती में अधिक उत्पादन प्राप्त् कर सकता है जिसके लिए किसानों को एक देशी गाय पालना होगी। जिसके गौ मूत्र व गोबर के माध्यम से खेती की रबा की जा सकती है। कीटनाशकों के प्रयोग से बचना होगा तथा पारंपरिक खेती की ओर बढऩा होगा। उन्होंने कहा कि इस देश में भगवान के बाद दूसरा भगवान किसान ही है किंतु इस समय हम देख रहे है कि हमारे भगवान अन्नदाता की बुरी स्थिति है। उनकी दुर्दशा हो रही है, जिसका मुख्य कारण जीवन में आध्यात्मिकता की कमी है हमारी सोई हुई शक्तियों को जगाना होगा तभी सही अर्थों में सशक्तिकरण हो पाएगा।
व्यसनों से मुक्ति चाहिए.
सरला दीदी ने कहा कि हम व्यसनों के वशीभूत हो गए है. इन व्यसनों को छोडऩा होगा। क्या व्यसनों की हमारे शरीर को आवश्यकता है? कदापी नहीं है तो फिर हम इनसे छुटकारा क्यों नहीं पाते है. इसके साथ ही लोभ को भी कम करना होगा, अधिक कमाने के चक्कर में हम धरती मां पर कई प्रकार की गलत वस्तुओं का प्रयोग कर रहे है. क्या आज से 50 वर्ष पहले यूरिया या डीएपी की जरूरत थी? नहीं थी किंतु अब क्यों धडल्ले से प्रयोग हो रहा है। इसे रोकना होगा। यह शाश्वत यउगिक जैविक खेती के माध्यम से ही संभव है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि निर्मला भूरिया ने पेटलावद क्षेत्र की खेती के बारे में बताते हुए कहा कि यहां के किसान उन्नत किसान है जो हमेशा नए नए प्रयोग करते आए है आज यहां जो भी जानकारी मिलेगी उससे आनेवाले समय में यह प्रयोग कर इसका पूरा लाभ उठाएंगे। इस मौके पर विशेष वक्ता के रूप में राजयोगिनी ब्र.कु. राजू भाई जी उपाध्यक्ष, कृषि व ग्राम विकास माउंट आबू ने कहा कि आखिर भारत जैसे देश में किसानों को आत्महत्या क्यों करना पड़ रही है? यह सुन कर बड़ी पीड़ा होती है. किसान इतना तनावग्रस्त क्यों है?क्योंकि कर्ज लिया फसल उगाई समर्थन मूल्य नहीं मिला फसल घर तक नहीं पहुंच पाई और किसान दुखी होता है. और गलत रास्ता चुन लेता है. इसके लिए ब्रम्हा कुमारी ने 11 वर्ष पूर्व एक सुंदर योजना बनाई कि किस प्रकार किसानों को कम खर्च में अधिक से अधिक लाभ मिल सके. इसके लिए किसानों को यौगिक खेती से जोड़ा जाए इसके प्रयङ्क्षग किए गए है, जो सफल हुए है.
कैंसर एक्सप्रेस चलती है.
राजू भाई ने आगे कहा कि पंजाब प्रांत के लोग वहां का अनाज नहीं खाते है क्योंकि वह जहरीला हो चुका है. वहां जालंधर से बिकानेर के लिए एक ट्रेन चलती है जिसमें केंसर के इतने अधिक मरीज प्रतिदिन सफर करते है कि उस ट्रेन का नाम ही कैंसर एक्सप्रेस हो गया। आखिर इतने अधिक मरीज कैंसर के कैसे हुए यह सब कीटनाशकों के अधिक प्रयोग से हुआ है। इसलिए हमें इस रास्ते को छोड अध्यात्म की राह पर चल कर यौगिक जैविक खेती करना होगी। इस मौके पर राजयोगिनी ब्र.कु. आरती दीदी झोन प्रभारी मप्र व छत्तीसगढ़, कृषि विज्ञान केंद्र झाबुआ के महेंद्र कुमार, गुजरात के कृषि इंजीनीयर राजेश भाई जो की यौगिक खेती करते है। पूर्व हाई कोर्ट जज राठी भाई,शिव गंगा प्रमुख महेश शर्मा, नगर परिषद अध्यक्ष मनोहर भटेवरा ने भी संबोधित किया. इस मौके पर स्वागत भाषण जयंती दीदी ने दिया.
मूक बधिर बच्चों ने प्रस्तुति दी.
इस मौके पर विकलांग केंद्र झाबुआ के मूक बधिर बच्चों ने सबसे पहले स्वागत गीत प्रस्तुत किया. इसके बाद कार्यक्रम के मध्य में उनके द्वारा देश भक्ति की एक प्रस्तुति दी गई जिसे सभी ने खूब सराहना दी। कार्यक्रम प्रारंभ होने से पूर्व स्थानीय गायत्री मंदिर से एक विशाल शिव कलश यात्रा निकाली गई जो की 10 बजे प्रारंभ हुई, जिसमें सैकड़ो बालिकाओं ने कलश ले रखे थे। इसके साथ ही हजारों शामिल हुए।

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