दीपक जैन

कल्याणपुरा में चल रहे पंच कुंडीय महायज्ञ का आज अंतिम दिन है। यज्ञ में कुल 21 जोड़ों ने आहुति दी। इस महायज्ञ में कल्याणपुरा के समस्त समाज ने अपने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। छोटे से लेकर बड़े और बुजुर्ग ने अपने इस महायज्ञ में तन मन धन से सेवा देकर इस महायज्ञ को सफल बनाया।

पंच कुंडीय यज्ञ में प्रथम दिवस कलश यात्रा अंबे माता मंदिर नगर के प्रमुख मार्गो से होकर खेड़ापति हनुमान मंदिर पर कलश यात्रा का समापन हुआ था। इस महायज्ञ में पांच दिवसीय विभिन्न प्रकार के रात्रिकालीन आयोजन हुए। अंतिम दिन यानी आज महा भंडारे का भी आयोजन सर्व समाज द्वारा किया जा रहा है।

50 वर्ष पूर्व अष्ट्रावक्र साधु ने लिया था संकल्प

बताया जाता है कि आज से करीब 50 वर्ष पूर्व सन 1972 में अष्ट्रावक्र साधु द्वारा एक संकल्प एक कुंडीय यज्ञ कराने का संकल्प लिया गया था जो उस समय नही हो पाया था जिसे आज समस्त ग्राम वासियों ने मिलकर उस संकल्प को पूरा किया।

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