झाबुआ- वेक्टर जनित रोगो से बचाव के लिए आज 10 जुलाई को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कार्यालय में अंतरविभागीय कार्यशाला संपन्न हुई। कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ अरूण कुमार शर्मा, जिला मलेरिया अधिकारी श्री दिनेश सिसौदिया सहित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।कार्यशाला में मलेरिया एवं डेगू से बचाव के लिए विभागों द्वारा की जाने वाली कार्यवाही पर चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि मलेरिया एवं डेगू बीमारियों का वाहक मच्छर होता है अतः बीमारी को मच्छर से फैलने से रोकने के लिए मच्छरों को विकसित नहीं होने देने के लिए विभागीय अधिकारी व्यापक प्रचार-प्रसार करे। निर्माण कार्यो के स्थानो पर बनने वाले गड्डो को भरवाये। रूके हुए पानी में केरोसीन अथवा जला हुआ डीजल डाल दे जिससे मच्छरों के अण्डे नष्ट हो जाते है। रात में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करे। छात्रावास आश्रमों में रहने वाले बच्चों को मच्छरदानी उपलब्ध करवाये। डंेगू रोग के वायरस के मच्छर के लार्वा कूलर टंकी, घडों एवं नांद के पानी में पनपते हे। अतः प्रति सप्ताह पानी बदल दे, ताकि डेंगू के मच्छर के अण्डे नष्ट हो जाये। इससे डेंगू रोग की रोकथाम हो सकेगी। स्कूली बच्चों एवं आंगनवाडी केन्द्र पर मच्छर के कारण होने वाली वेक्टर जनित बीमारियों से बचाव के लिए जानकारी दी जाए।
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