Trending
- आम्बुआ में हथनेश्वर महादेव निकले प्रजा का हाल जानने
- सावन सोमवार के जुलूस में घुसा तेज रफ्तार डंपर, एक श्रद्धालु गंभीर घायल
- देवझिरी से श्रंगेश्वर तक निकली विशाल कावड़ यात्रा, उमरकोट में हुआ भव्य स्वागत
- एक तरफ सीएम डॉ. मोहन का समृद्धि पर जोर, दूसरी तरफ विद्वानों ने बताया कैसे बनाएंगे MP को नंबर-1
- तीन अनाथ बच्चों की मदद के लिए आगे आए महेश पटेल, सेना महेश पटेल ने की ₹25 हजार सहायता की घोषणा
- आलीराजपुर में शिक्षाकर्मियों की बैठक में अनुभवी शिक्षकों पर TET थोपने के खिलाफ निर्णायक आंदोलन की चेतावनी दी
- मिलादुन्नबी पर आम्बुआ में निकला भव्य जुलूस, मोहम्मदी स्काउट बैंड ने दी शानदार प्रस्तुति
- ईद-ए-मिलादुन्नबी पर दाऊदी बोहरा समाज ने निकाला जुलूस
- गवली समाज की चतुर्थ कावड़ यात्रा संपन्न, 51 किलो की कावड़ रही मुख्य आकर्षण
- सीएम डॉ. मोहन 24 को करेंगे राज्य स्तरीय कॉन्क्लेव का शुभारंभ, समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 पर होगी चर्चा
क्षेत्र को बदनावर और उज्जैन से जोडऩे वाला प्रमुख मार्ग झकनावदा खिन्दाखो-धतुरिया से माही डेम होकर लाबरिया पहुंचने वाला प्रमुख मार्ग खस्ताहाल है। झकनावदा से बदनावर की दूरी 50 किमी है और माही डेम की दूरी 17 किमी है पर रोड पर अब गिट्टी पूरी तरह से बाहर आचुकी है, जिसके चलते बदनावर पहुंचने में करीब दो से ढाई घंटे लगते है। जर्जर रोड के कारण झकनावदा-बदनावर मार्ग पर चलने वाली बसे बंद हो गई, जिससे यात्रियों की फजीहत समझी जा सकती है। वही बस मालिक का कहना है। रोड की वजह से टायर और बस दोनो में नुकसान होता है। उज्जैन जाने वाले भी अब पेटलावद होकर जाने को मजबूर है, जिससे उन्हें 50 किमी अधिक सफर कर अपने मुकाम पर पहुंचना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री सडक़ योजना मे बनाए गए झकनावदा-उमरकोट रोड को डिजिटल इंडिया में काम कर रही कंपनी ने पूरी तरह एक साइड से खोद दिया, जिससे चार पहिया तो ठीक दोपहिया वाहनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बडा सवाल यह उठता है कि सरकार ने हर गांव को प्रधानमंत्री सडक़ योजना के माध्यम से जोड़ तो दिए और पैचवर्क के नाम पर लाखों दिए भी हैं लेकिन वे कहां जाते हैं रोड में हो चुके गड्ढों को देखकर समझा जा सकता है।