कट्ठीवाडा से ”आलीराजपुर आजतक” के लिए गोपाल राठौर की रिपोर्ट: आदिवासी जिलों के लिए शासन द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर करोडों रुपए खर्च किए जाते है जिससे अादिवासी अंचल को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा मिल सके लेकिन जमीनी स्तर पर पहुंचते शासन कि सारी योजनाएं दम तोड देती है। यह बरसों से होता रहा है और अब भी हालात नहीं बदले है।

तहसील मुख्यालय का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सामुदायिक यानी सुविधा युक्त अस्पताल लेकिन यहा कोई सुविधा नहीं है। कट्टीवाडा का सामुदायिक अस्पताल इस मामले में अजूबा ही कहा जा सकता है। यहां इलाज के लिए कोई भी सुविधा मौजूद नहीं है। चौंकाने वाली बात है कि यहां पर एक्स-रे मशीन होने के बावजूद एक्स-रे भी नहीं होता है।

सामुदायिक अस्पताल को आठ साल पहले एक्स-रे मशीन की सौगात मिली थी। उस वक्त शासन की मंशा थी कि ग्रामीण इलाकों में भी इस तरह की अत्याधुनिक सुविधा होना चाहिए। हालांकि, आठ साल से यह मशीन यहां धूल खा रही है और एक भी एक्स-रे इस मशीन से नहीं हुआ। अब तो आलम यह है कि बगैर इस्तेमाल किए है कि यह मशीन कंडम हो गई।

X Ray Kaththiwada (1)

 

इस बारे में जब बीएमओ डॉक्टर संदीप चोपड़ा से बात की गई तो उनका कहना था, ‘इस मशीन को कंडम घोषित कर दिया गया है। इस बारे में जानकारी भोपाल भेज दी गई है।’

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चौंकाने वाली बात है कि यहां 108 एम्बुलेंस जैसी सुविधा भी मौजूद नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि सरकार वाकई में आदिवासी अंचल में स्वास्थ्य सुविधाएं देना चाहती है या फिर केवल कागजों और दिखावे में भी यह सुविधाएं मिलती रहेगी।

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