सलमान शैख़@ झाबुआ Live

पेटलावद।  जहां एक तरफ लोग नवरात्रि की खुशियां मनाने में मशगूल थे, अपने घरो में चिराग जला रहे थे, वहीं दूसरी तरफ एक घर का चिराग बुझ रहा था, जिसको कोई देखने वाला नही पहुंचा। आखिर नवरात्रि की खुशियां एक घर में मातम की तरह बदल गई। अपने खेत पर गए एक युवक की बीती रात अज्ञात बदमाशो ने निर्मम और विभत्स तरीके से हत्या की वारदात को अंजाम दे दिया। बदमाशो ने युवक के सीर पर जब तक वार किए तब तक उसका दम नही निकल गया। हमला किस लिए किया गया इसकी वजह की अभी पुष्टी नही हो पाई है। मामले में पुलिस अभी कुछ भी कहने से बच रही है। इस हत्या के बाद पूरे इलाके में सनसनी फेल गई। पुलिस अभी तक हत्या का सुराग नही लगा पाई है।

जानकारी के मुताबिक सिर्वी मोहल्ले में रहने वाले श्याम पिता मांगीलाल चौधरी की बीती रात करीब 11 बजे के दरमियान उन्ही के खेत पर अज्ञात बदमाशो ने हत्या कर दी। पुलिस ने रात में शव को पोस्टमार्टम केंद्र भेजा। इसके बाद सुबह शव का पीएम करने के बाद परिजनो के सुपूर्द किया। वहीं घरवालो का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्हें समझ नही आ रहा है कि आखिर किसने और क्यो श्याम की हत्या की है।

अक्सर खेत में जाते थे:

घरवालो ने पुलिस को बताया कि वह रात में अक्सर खेत पर जाते थे, बीती रात भी वह खाना खाकर खेत पर जाने का कहकर निकला था, लेकिन रात 11 बजे बाद उनका फोन नही उठाने से घरवालो को शक हुआ, इसके बाद वह खेत पहुंचे तो जो देखा उससे पेरो तले जमीन की खिसक गई। श्याम का शव पलंग पर पड़ा हुआ था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई, पुलिस ने रात में पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस इस मामले में मृत के पारिवारिक व व्यक्तिगत कारणो को भी ढूंढने का प्रयास कर रही है।

युवक पर हमला होता रहा और किसी को पता नही चला:

अब बड़ा सवाल यह है कि युवक पर हमला होता रहा और आसपास रह रहे किसानो को पता भी नही लगा। जबकि जिस जगह श्याम का खेत है उसके चारो ओर किसान रात में भी रहते है। न तो किसी को चिल्लाने की आवास सुनाई दी और न ही किसी ओर प्रकार की आवाज सुनाई दी। आखिर श्याम पर हमला किसने और क्यो किया? कारणो का अभी पता नही लग पाया है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर हत्या कहां की गई। जबकि अगर वहां हत्या की गई होती तो जरूर शोर होता। हत्या करने के बाद उसकी लाश को उसी के खेत पर क्यो फेंका। वहीं परिवार में कोहराम मचा हुआ है, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

दोपहर पहुंची फोरेंसिक टीम और डाग स्कॉड:

मामले में दोपहर 12 बजे पुलिस के साथ झाबुआ फोरेंसिक टीम और डाग स्कॉड भी घटनास्थल पर पहुंची और मौका मुआयना किया। टीम में फोरेसिक अधिकारी डॉ. रामसिंह मुजाल्दे, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट दिलीपसिंह रावत मौजूद थे। वहीं एसडीओपी बबिता बामनिया, टीआई नरेंद्र वाजपेयी सहित पुलिसकर्मियो की टीम ने घटनास्थल पर सघन छानबीन की। यहां पहुंचे डाग स्काड की डीएसपी रेंज की मिल्ली ने छानबीन करते हुए कुछ सबूत टीम को दिए, इसके बाद टीमे सारे सबूत इकठ्ठा करकर अपने साथ ले गई।

योजनाबद्ध तरीके से की गई श्याम की हत्या:

जिस जगह श्याम का शव जीर्णशीर्ण अवस्था में मिला, उस जगह आसपास कहीं भी छीनाझपटी या कोई अन्य हलचल जैसी कोई चीज नही दिखाई दी। पुलिस ने चारो ओर छानबीन की, लेकिन कोई भी ऐसी चीज या सुरागह पुलिस को नही मिला, जिससे यह पता चल सके कि वास्तव में श्याम की हत्या पलंग पर ही हुई है। न तो पलंग पर कहीं कोई निशान थे और न ही आसपास कोई निशान मिले। जो सिर्फ यह दर्शाता है कि श्याम की हत्या कहीं ओर की गई और उसे योजनाबद्ध तरीके से पलंग पर लाकर सुला दिया गया।

मिलनसार थे श्याम चौधरी, पुत्री ने दी मुखाग्नि:

उल्लैखनीय है कि श्याम चौधरी की 3 पुत्री थी, जिसमें एक की उम्र 12, 8 और 3 वर्ष थी। घर पर अब श्याम चौधरी की पत्नि के अलावा कोई नही बचा। मां और पिता और भाई पहले ही गुजर चुके थे। इसके बाद अपने पैरो पर जैसे-तैसे श्याम खड़े हुए और अपनी जिंदगी को संवारी। कम समय में अपने एक अलग पहचान बनाने वाले श्याम चौधरी अपने खेत पर गार्डन का सपना देखकर उसे संवारने में लगे थे, उन्होने कभी सोचा नही था कि उनके साथ ऐसी चोट हो जाएगी। श्याम नगर में काफी मिलनसार थे और लोगो के सुख-दु:ख में हमेशा साथ खड़े रहते है। कभी किसी से उसे झगड़ा करते हुए किसी ने नही देखा। नगर के सभी लोगो को उनकी मृत्यु का काफी दुख है। सभी के जहन में यही सवाल है कि ऐसी क्या वजह थी जिसके चलते श्याम की हत्या हो गई। पुत्र न होने की वजह से उनकी बड़ी पुत्री आशी ने उन्हें मुखाग्नि दी। यह पल जिसने भी देखा उनकी आंखो से अश्रुधारा बह निकली।

50 मीटर दूरी पर मिला खून से लदा डंडा:

वहीं घटनास्थल से 50 मीटर दूरी पुलिस को खून से लदा डंडा भी मिला। जिससे यह तो साबित हो गया कि श्याम के सीर पर उसी डंडे से वार किए गए, क्योकि डंडा बहुत भारी और मजबूत था। पुलिस ने उसे जांच के लिए अपने साथ रखा है, जिससे हत्या में शामिल आरोपितो के पास पुलिस पहुंच सके।

हत्यारो तक पहुंचने में अहम होगी काल डिटेल:

वहीं इस सनसनीखेज मामले में श्याम चौधरी के मोबाइल की कॉल डिटेल अहम होगी। पुलिस ने श्याम के मोबाइल की कॉल डिटेल मंगवाई है। हालांकि जब तक कॉल डिटेल नही आ जाती, तब तक पुलिस के हाथ खाली है, लेकिन कॉल डिटेल में कुछ मिला, तो फिर पुलिस को हत्यारो तक पहुंचने में सफलता मिल सकती है। पुलिस ने मंगलवार को रात में किन-किन व्यक्तियो से श्याम की बात हुई और हत्या के समय आखरी बार किससे बात हुई यह जानकारी जुटा रही है।

किस मकसद से दिया वारदात को अंजाम ये अभी साफ नही:

एसडीओपी श्रीमती बबिता बामनिया ने बताया देखकर लग रहा है कि श्याम की हत्या कहीं ओर की गई हो और उसे योजनाबद्ध तरीके से लाकर पलंग पर सुला दिया गया, लेकिन वारदात को किस मकसद से किसने अंजाम दिया ये साफ नही है। श्याम के पास कोई कीमती सामान भी नही था, इसलिए पुलिस को इस बात की आशंका कम लग रही है कि हत्या लूटपाट के लिए की गई हो। पुलिस श्याम के तमाम दोस्तो से भी पूछताछ कर रही है। सभी कारणो को पुलिस खंगालने में जुटी है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।

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