सलमान शेख@ झाबुआ Live कोरोना वायरस के चलते देश में कई मस्जिदों ने एहतियाती तौर पर नमाज पड़ने पर रोक लगा दी गई है। मुस्लिम समाज के सदर राहिल रहा मंसूरी ने बताया इसी कड़ी में पेटलावद मुस्लिम समाज ने भी कोरोना वायरस के मद्देनजर सरकार की गाइडलाइन को मानते हुए कल शुक्रवार को नमाजे जुमा अपने अपने घरों पर ही रहकर पढ़ने का ऐलान किया है। हालांकि अजान देनेवाले मुअज्जिन को मस्जिद में आवाजाही की इजाजत होगी। वो नियमित रूप से अजान दे सकते हैं, साथ ही नमाज अदा भी कर सकते हैं. कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सभी संबंधित धर्मगुरुओं से बात कर इस बात का फैसला लिया गया है। जाहिर है शुक्रवार को जुम्मे की नमाज अता करने के लिए भारी संख्या में लोग मस्जिदों में जमा होते हैं. वहीं पूरे देश में कर्फ्यू लागू किए गए हैं जिससे कि लोगों का झुंड एक जगह इकट्ठा ना हो. क्योंकि COVID-19 संक्रमण वाला वायरस है और यह लोगों से लोगों के बीच बड़ी तेजी से फैलता है. ऐसे में मस्जिद में आम लोगों की आवाजाही बंद करना एक बड़ा फैसला है। इमाम अब्दुल खालिक साहब ने बताया इस महामारी को लेकर सरकार ने लॉकडाउन कर रखा है। घर से बाहर निकलने की मनाही है। ऐसे में लोगों से यह अपील की जाती है कि वे अपने घर में ही अपनों के साथ महफूज रहें। घर में ही नमाज पढ़ें। साफ-सफाई का ख्याल रखें।उन्होंने कहा कि तमाम मस्जिदों में साफ-सफाई के बाद समूह में नमाज पढ़ने पर तत्काल रोक लगा दी गई है, ताकि लोग लॉकडाउन का पालन कर सकें। इमाम साहब ने कहा कि कोरोना वायरस के खात्मे और लोगों की जिंदगियां फिर से आबाद करने के लिए मस्जिदों से इमाम और मौलवी दुआ कर रहे हैं। Post navigation Covid-19: बांग्लादेश से लोटे ट्रक ड्राइवर की कोरोना रिपोर्ट आई नेगेटिव; स्वास्थ्य विभाग ने किया डिस्चार्ज असन्तुलित होकर पलटी मिनी बस; आधा दर्जन से अधिक लोग गम्भीर घायल…