झाबुआ के हाथीपावा पहाड़ी पर 25 26 फरवरी को हो रहे विशाल हलमा की तैयारियों में पूरा झाबुआ जुट चुका है। घर-घर निमंत्रण के महासंपर्क अभियान के बाद विकासखंड की टोलियों ने अपने-अपने विकास खंडों पर गैंती यात्राएँ निकाली जा रही हैं। राणापुर और कुंदनपुर में यह गैंती यात्रा निकाली जा चुकी हैं। कल कल्याणपुरा में और 14 फरवरी को पिटोल में गैंती यात्रा का आयोजन हुआ। जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएँ-पुरुष, गैंती फावड़े तगारी लेकर शामिल हुए, गैंती पूजन का कार्यक्रम हुआ और नगर में यात्राएं निकाली गयीं। यात्रा में शामिल धावड़ी पाड़ा के मानसिंह निनामा ने गैंती पूजन के बाद गैंती का महत्त्व बताया। गैंती से ही हर कार्य की शुरुवात होती है, घर की नींव, तालाब की पाल, बीज को वृक्ष बनाने की शुरवात गैंती से ही होती है। गैंती माता जीवन देने वाली है और हमारा स्वाभिमान है। हलमा इंटर्नशिप के लिए जबलपुर से आईं सोशल वर्क की छात्रा श्वेता ने अनुभूति साझा करते हुए बताया कि, मैं यहाँ जनजाति समाज की परंपराओं को समझने आई हूँ और इस तरह की पहल सब जगह होना चाहिए, हलमा और गैंती यात्रा से समाज का स्वाभिमान जग रहा है। हलमा की इन सभी तैयारियों को देखकर मेरा मन इस आशा से भरा है कि मिलकर काम करने में आनंद की अनुभूति होती है और बड़े से बड़ा काम सरलता से हो सकता है। समाज के इस सामर्थ्य के सामने वैश्विक समस्या छोटी लगने लगती है। शिवगंगा प्रवक्ता विजेंद्र अमलियार ने बताया कि 14 फरवरी 16 फरवरी को पारा में गैंती यात्राएँ निकलने वाली हैं। और उसके बाद गाँव-गाँव मे बैठकों के माध्यम से हलमा में आने के वाहनों की तैयारियाँ चलेंगी। पिटोल यात्रा में वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता घाटिया गाँव के जानु भाई बिलवाल, सेमलिया बड़ा गांव के बहादुर जी डामोर, आमली फलिया गाँव के रमु वाखला, छोटी बावड़ी के भुवन भाई बबेरिया यात्रा में शामिल रहे। और कल्याणपुरा यात्रा। शिवगंगा के पिटोल के कार्यकर्ता नानसिंग मेड़ा, उदय डामोर, तोलिया भाई, संगीता डामोर, गोविंद बिलवाल व कल्याणपुरा के कार्यकर्ता गट्टू सिंह गरवाल, दरियाव सिंह भाबोर, प्रेमलता मखोड़ीया व अन्य सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे। Post navigation स्विफ्ट कार में हो रहा था अवेध शराब का परिवहन, लेकिन पुलिस ने दबोच लिया… विकास का इंतजार कर रही जनता ने विकास यात्रा को दिखाया आईना, विकास यात्रा में शामिल, अधिकारी – जनप्रतिनिधियों को लौटाया उल्टे पर